अमित शाह बोले- आएगा तो मोदी ही….

देशभर में साध्वी प्रज्ञा की उम्मीद वारी पर धमासान विवाद छिड़ा हुआ है.ऐसे में बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह स्वयं साध्वी प्रज्ञा के बचाव में उतर आए है. अमित शाह ने कहा है कि प्रज्ञा ठाकुर को फर्जी केस में फसाया गया है.कोलकत्ता में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए उन्होंने ये भी कहा कि हिन्दू आतंकवाद का झूठा केस बनाकर साध्वी को उसमे फसाया गया. ये केस अदालतों में काफी लम्बा चला और फिर फर्जी पाया गया. समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में असीमानंद समेत सबको छोड़ दिया गया है. लेकिन किसी ने तो किया है. जिसने किया उसे पहले सीबीआई ने पकड़ा था लेकिन आज वो कहाँ है. पहले अमेरिका ने भी लश्कर का नाम लिया था. लेकिन धमाका करने वाले कहाँ है.


वैसे आपको बता दे की साध्वी प्रज्ञा बेल के सहारे चुनावी रैलियों में विवादित बयानों से भरपूर भाषण दे पा रही है. उनके ऊपर अभी UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के अंतर्गत कई चार्जेस लगे हुए है और वो अपनी ख़राब सेहत के चलते बेल पर बाहर आकर चुनाव लड़ने के लिए puri तरह सक्षम हो चुकी है.


इतना ही नही कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गाँधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह बोले कि बटला एनकाउंटर पर सोनिया गाँधी ने आसूं बहाए थे. कभी शहीदों के लिए आसूं बहाए है क्या.

प्रज्ञा ठाकुर मध्यप्रदेश के भोपाल से कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले दिग्विजय सिंह के खिलाफ उम्मीदवार बन कर उतरी है.

अमित शाह ने ये भी कहा की जनता देश की सुरक्षा को मुद्दा मानकर वोट दे रही है. पिछले 2 चरणों की वोटिंग से ये साफ हो चुका है कि मोदी फिर पीएम बनेंगे. सुरक्षा के मुद्दे पर विपक्ष चुप्पी साधे हुए है. विपक्ष ना तो कोई नेता ही दे पाया है और ना ही कोई नीति.

हमारी सरकार ने गरीबो के लिए काम किया है, विपक्ष के वादे खोखले है. हम नागरिकता संशोधन बिल पर अडिग है. बंगलादेशी हिन्दू, सिख, बोद्ध धर्मियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी. धारा 370, 35A हटा के रहेंगे.

उन्होंने TMC पर भी धावा बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी 2 चुनावी चरणों से हताश है क्यूंकि उन्हें उनकी हार का अंदेशा हो गया है. इसीलिए हताशा में वो चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही, बीजेपी की रैली नही होने दे रही.

वो ये भी बोले कि कोलकत्ता में चुनावी हिंसा चरम पर है, मतदाता पुरे ग़ाव के साथ वोट करने जाए और डरे नही. बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीती TMC कर रही है. बंगाल में लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए चुनाव ज़रूरी है. देश के लिए चुनाव काफी अहम है.

 

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