अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा के ‘चाणक्य’ के खेला नया दांव, आधी रह जाएगी विपक्ष की ताकत

नई दिल्ली: संसद में शुरू हुए मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्षी पार्टियों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के समक्ष पेश किये गए अविश्वास प्रस्ताव को भले ही मोदी सरकार पर बड़ा वार समझा जा रहा हो, लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति की वजह से विपक्ष अब अपने इस  ही फंसती नजर आ रही है। दरअसल, विपक्षी पार्टियों ने सुमित्रा महाजन से अविश्वास प्रस्ताव पर 10 दिन के अंदर बहस करवाने की मांग की थी। लेकिन भाजपा अध्यक्ष ने एक नया दांव खेलते हुए इस बहस को दो दिन बाद ही यानी 20 जुलाई को ही करवाने का फैसला किया है।

दरअसल, मानसून सत्र के साथ ही केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार को विपक्षियों पार्टियों के कड़े प्रहार का सामना करना पड़ा है। इन कड़े प्रहारों में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार पर सबसे बड़ा वार उसकी पूर्व सहयोगी पार्टी तेदेपा ने किया है जिसने कांग्रेस व अन्य दलों के साथ मिलकर मानसून सत्र के पहले दिन ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया।

विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के समक्ष इस अविश्वास प्रस्ताव को करते हुए की थी कि आगामी 10 दिनों के भीतर इस प्रस्ताव पर बहस करा दी जाए लेकिन अमित शाह ने नई रणनीति के तहत उसे दो दिन बाद ही यानी 20 जुलाई को ही करवाने का फैसला कर लिया।

बताया जा  रहा है कि भाजपा अध्यक्ष द्वारा लिया गया यह फैसला एक सोची समझी रणनीति के तहत लिया गया है। जानकारों का कहना है कि अमित शाह विपक्ष को लामबंद होने का ज्यादा मौका नहीं दे सके। इस बारे में जानकारी  देते हुए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार का कहना है कि विपक्ष की उम्मीदों से बहुत पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने की घोषणा से अब विपक्षी सकते में है।

बताया जा रहा है कि अमित शाह का यह फैसला संसद की तीसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस द्वारा 21 जुलाई को कोलकाता में आयोजित बड़ी रैली के चलते लिया है। भाजपा अध्यक्ष का अनुमान है कि इस रैली के चलते हो सकता है तृणमूल की अध्यक्ष ममता बनर्जी और पार्टी के अन्य कई दिग्गज व्यस्त रहे और सदन में बहस के दौरान न पहुंच सके। इससे विपक्ष को एक बड़ा झटका लग सकता है।

उधर, ममता बनर्जी ने अब अपने सभी 34 सांसदों को शुक्रवार (20 जुलाई) तक दिल्ली में ही डटे रहने को कहा है और शनिवार को रैली में शामिल होने का निर्देश दिया है।

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