एससी/एसटी एक्ट से जुड़े विपक्ष के हमले पर अमित शाह ने किया पलटवार, कहा- भाजपा दलितों के साथ

नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्षी पार्टियों द्वारा लगाए जा रहे अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 को कमजोर करने के  आरोपों पर अब केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया है। भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि केंद्र सरकार दलित समुदाय के प्रत्येक अधिकार की रक्षा करेगी।

दरअसल, एससी/एसटी एक्ट को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा किये जा रहे हमले पर पलटवार करते हुए अमित शाह ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर का सहारा लिया है। इस दौरान उन्होंने कई ट्वीट किये हैं जिनमें उन्होंने भाजपा सरकार को दलित समुदाय का हितैषी बताया है।

अमित शाह ने ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार दलितों के प्रत्येक अधिकार की रक्षा करेगी और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करना जारी रखेगी। उन्होंने लिखा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी/एसटी एक्ट पर आदेश देने के दिन से ही केंद्र सरकार तत्काल और सजगता के साथ सक्रिय हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा हर समय और हर संभव तरीके से दलित समुदाय के साथ खड़ी है।

अमित शाह ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपने को पूरा करने की भाजपा की प्रतिबद्धता अटूट है। सरकार दलितों का जीवन परिवर्तित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम अपने दलित भाइयों और बहनों को ‘न्यू इंडिया’ का निर्माता बनाने का प्रयास जारी रखेंगे। हम उनकी आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करेंगे। जय भीम। जय हिंद।

भाजपा नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान की निंदा की जिसमें उन्होंने कहा है कि भाजपा व आरएसएस के डीएनए में है कि दलितों को समाज के निचले पायदान पर बनाए रखो। शाह ने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को अनदेखा किया है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के डीएनए का मजाक उड़ाने वाली कांग्रेस वही पार्टी है जिसने डॉक्टर अंबेडकर को एक नहीं दो बार हराया। इसी पार्टी ने उनकी तस्वीर को संसद के केंद्रीय कक्ष में नहीं लगाने के लिए कई बहाने गढ़े, उन्हें भारत रत्न सम्मान देने के इनकार किया। देश ने इनकी नकारात्मक राजनीति देखी है।

शाह ने राजनीतिक पार्टियों पर दलित राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए दलित समुदाय को हुई परेशानी के लिए उनसे माफी मांगने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कुछ हतोत्साहित और खारिज हो चुकीं राजनीतिक पार्टियों द्वारा राजनीतिक उद्देश्य के तहत प्रदर्शन से करोड़ों निर्दोष लोगों को परेशानी हुई। इन पार्टियों को दलित भाइयों और बहनों से अपने गलत काम के लिए माफी मागनी चाहिए।

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