अमित शाह ने किया ऐलान- विकास और हिंदुत्व के मुद्दे पर ही लड़ेंगे कर्नाटक चुनाव

बेंगलुरु: कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ कर दिया है कि वे इस चुनाव में भी विकास और हिंदुत्व के मुद्दे को अपना मुख्य हथियार बनाएंगे। भाजपा के विजयी रथ के सारथी की भूमिका निभा रहे अमित शाह ने कहा है कि कर्नाटक में भाजपा मजबूत स्थिति में है और जनता में कांग्रेस के प्रातो काफी नाराजगी भरी है।

चुनाव के चलते अमित शाह इन दिनों कर्नाटक दौरे पर हैं और जनता को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कर्नाटक जागृति यात्रा निकाल रहे हैं। उनकी यह यात्रा राज्य के उन क्षेत्रों में भ्रमण करेगी जहां भाजपा की पकड़ कमजोर है।

इसी जागृति यात्रा के दौरान मैसूर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा मजबूत स्थिति में है और बिना किसी पार्टी के गठबंधन में सरकार बनाएगी। इसी के साथ ही अमित शाह ने कांग्रेस को जेडीएस पर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे दोनों पार्टियों ने हाथ मिला लिया है। आप जेडीएस को वोट देंगे, तो वह कांग्रेस के खाते में ही गिना जाएगा।

कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए अमित शाह ने कहा कि पूरे कर्नाटक के जिस भी हिस्से में हम गए वहां सिद्धारमैया सरकार के प्रति लोगों में नाराजगी दिखाई दी। विकास के सभी पैमानों पर सिद्धारमैया सरकार फेल है। स्वास्थ सेवाएं बदहाल हैं, बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

लिंगायत समुदाय को अलग धर्म बनाए जाने के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि यह कांग्रेस का राजनीतिक हथकंडा है। अपनी बात को दोहराते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस 5 साल सत्ता में रही लेकिन चुनाव से ठीक पहले इसका ऐलान राजनीतिक फायदा उठाने के लिए किया गया। कांग्रेस नहीं चाहती कि लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बीएस येदियुरप्पा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने।

विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के फैसले पर उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को चुना जाएगा। प्रदेश कमेटी नामों का चयन करके संसदीय कमेटी को भेजेगी, जांच पड़ताल के बाद उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

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