अमित शाह का एलान 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सभी घुसपैठियों को देश से बाहर कर देंगे

हरियाणा के कैथल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ा एलान किया है. अमित शाह ने कहा है कि मोदी सरकार 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले सभी घुसपैठियों को देश से बाहर कर देगी. रैली में अमित शाह ने असम एनआरसी, आर्टिकल 370 और राफेल डील पर मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई.

घुसपैठियों ने देश की सुरक्षा को चुनौती- अमित शाह

घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह कहा, ‘’जब हम 2024 में आपसे वोट मांगने आएंगे तो उससे पहले मैं यह बताना चाहता हूं कि तब तक हम देश से हर घुसपैठिये को बाहर निकाल चुके होंगे.” उन्होंने कहा, ‘’70 सालों से घुसपैठियों ने देश की सुरक्षा को चुनौती दी है. एनआरसी के जरिए बीजेपी सरकार सभी घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है.”

कांग्रेस के लोगों को शस्त्र पूजा करना बुरा लगा- अमित शाह

अमित शाह ने कांग्रेस नेताओं की तरफ से ‘शस्त्र पूजा’ की आलोचना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और वहां मौजूद लोगों से पूछा पूछा, “शस्त्र पूजा परंपरा का पालन होना चाहिए या नहीं? हमें इस परंपरा को जारी रखना चाहिए या नहीं?” शाह ने कहा, “राजनाथ जी ने फ़्रांस में शस्त्र पूजा की लेकिन कांग्रेस के लोगों को यह बुरा लगा. हमें यह परंपरा जारी रखनी चाहिए या नहीं. लेकिन कांग्रेस के लोग इसका भी विरोध कर रहे हैं.”

आर्टिकल 370 को हटाने के विरोध में क्यों थे राहुल- अमित शाह

अमित शाह ने कहा, “कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि वे तीन तलाक और आर्टिकल 370 और 35-ए को हटाने के विरोध में क्यों थे. उन्होंने एनआरसी का विरोध क्यों किया?” उन्होंने कहा, ‘’राहुल गांधी ने आर्टिकल 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने का विरोध किया. किसी पूर्ववर्ती सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने का साहस नहीं किया लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में वापस आते ही संसद के पहले सत्र में यह कर दिखाया.’’

शाह ने आगे कहा, “हमें आशा की थी कि इस पर सभी पार्टियों का साथ मिलेगा क्योंकि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला था.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस बीजेपी सरकार द्वारा लिए गए हर निर्णय का विरोध करती है.  शाह ने कहा कि देश में लोगों में ऐसी भावना थी कि अनुच्छेद 370 और 35-ए के कारण जम्मू कश्मीर राज्य का भारत में पूर्ण एकीकरण नहीं हो सका था. उन्होंने कहा कि हरियाणा के कई सैनिकों ने जम्मू कश्मीर के लिए अपने प्राण न्योछावर किये हैं.

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