ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए अमित शाह का दावा- 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी बीजेपी

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बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उर्फ दीदी पर जमकर हमला बोला। साथ ही मंगलवार को हुए हिंसा का जिम्मदार भी शाह ने दीदी को ठहराया। शाह ने कहा कि दीदी को डर है कि कहीं उनकी सत्ता बंगाल से चली न जाए, इसीलिए वे हिंसा पर उतारू हो गईं हैं। शाह ने ये भी कहा कि मुझे मालूम पड़ा कि मेरे खिलाफ दीदी ने एफआईआर दर्ज करवाई है। मैं दीदी से कहना चाहता हूं कि दीदी मैं आपके इस एफआईआर से डरने वाला नहीं हूं।

इसके साथ ही शाह ने कल के हमले का जिक्र करते हुए कहा कि कल अगर सीआरपीएफ वाले वहां नहीं होते तो मेरा बचकर निकला मुश्किल था। वहीं, उन्होंने अपने ऊपर हुए हमले को स्वाभाविक बताया है। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर हमला स्वाभाविक था। इसी बीच, उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरी हिंसा की वारदात में मेरे कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। शाह ने इस पूरे हिंसा का जिम्मेदार ममता दीदी को ठहराया है।

शाह ने ममता के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि ये हमला बीजेपी के कार्यकर्ता करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये हिंसा और उत्पात बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने करवाई होती तो देश के अन्य राज्यों में भी चुनाव के दौरान हिंसा हुई थी न। अभी छ: चरणों का चुनाव हो चुका है, लेकिन दूसरे राज्यों से हिंसा की ख़बर नहीं है। ये हिंसा की ख़बर महज बंगाल से ही आ रही है। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता चुनाव के दौरान हिंसा और उत्पात मचाने पर उतारू हो गए हैं।

इसके साथ ही शाह ने दीदी को डरा हुआ करार दिया है। शाह ने कहा कि दीदी डरी हुई है। उन्होंने डर है कि कहीं इस बार के आम चुनाव में उनकी सत्ता चली न जाए और वैसे भी अब की बार बंगाल की जनता अपने राज्य में बदलाव चाहती है। लिहाजा, ममता दीदी का डरना स्वाभाविक है। इसलिए वे हिंसा व उत्पात पर उतारू हो गई हैं। लेकिन, दीदी कितनी भी हिंसा व उत्पात क्यों न मचा लें। हम इस आम चुनाव में 300 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेंगे।

वहीं, शाह ने मंगलवार को हुए हिंसा की जिम्मेदार ममता दीदी सहित तृणमूल के कार्यकर्ताओं को ठहराया। शाह ने कहा, ‘जब रैली में बीजेपी के तीन सो से ढाई सो कार्यकर्ता मौजूद थे। ऐसे में किसी और का उस रैली में आना मुश्किल था। ये हिंसा और उत्पात किसी और ने नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ही मचाई थी।इसके साथ ही शाह ने कहा कि ईश्वर चन्द्र विद्यासागर की मूर्ति किसने तो़ड़ी। कॉलेज का गेट किसने तोड़ा। बीजेपी के कार्यकर्ता तो वहां थे नहीं। वो तो रैली में थे। कॉलेज में किसने तोड़-फोड़ की। कॉलेज की चाबी किसके पास थी। कैंपस में किसने तोड़फोड़ मचाई।

गौरतलब है कि मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली में बवाल हो गया था। इतना ही नहीं, हिंसा का स्तर यहां तक पहुंच गया था कि शाह की गाड़ी पर डंडा तक फेंका गया था। बीजेपी कार्यकर्ताओं की मोटरसाइकिल और जीप को भी आग के हवाले कर दिया गया था। रैली के दौरान आगजनी की स्थिति पैदा गई थी। ईश्वर चन्द्र विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ दिया गया था। इतना ही नहीं, कैंपर में भी तोड़फोड़ की गई थी।

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