Amitabh Thakur VRS: नौकारशाह लें सीख, सरकार से सहमति है वजूद की भीख!

लखनऊ: सियासत को आइना दिखाना पड़ेगा भारी, ऐसे लोगों को रेलने ठेलने की है पूरी तैयारी। यह दो लाइने हर उस शख्स पर सटीक बैठती हैं जो सरकार के आंखों में किरकिरी बनकर चुभ रहा है। यानी सरकार के कामों में नुकुश निकालकर पंगेबाजी ले रहा है। जी हां इसका एक ताजा उदाहरण अमिताभ ठाकुर पर सही बैठता है।

1992 बैच के यह IPS अफसर अब निवर्तमान हो गए हैं, क्योंकि सरकार को अब इनकी जरूरत ही नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की तरफ से आदेश जारी हुआ है कि अमिताभ ठाकुर लोकहित में सेवा में बनमाए रखे जाने के उपयुक्त नहीं हैं। इस आदेश के क्रम में अब प्रदेश के गृह विभाग की तरफ से उन्हें VRS देने या सीधे तरीके से बोले तो जबरन रिटायर करने का आदेश जारी हो गया है।

पुलिस विभाग में IG के पद पर तैनात रहे अमिताभ ठाकुर एक ऐसे पुलिस अधिकारी के तौर पर जाने जाते हैं, जो सिस्टम में रहकर सरकार और सिस्टम की पोल खोला करते हैं। यही कारण है कि सरकार और अमिताभ ठाकुर के बीच एंटी रहती है। अमिताभ ठाकुर अक्सर विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों के कामों की कमियों को उजागर करते रहे। अमिताभ ठाकुर लगातार सरकार के निशाने पर होने के कारण वह पोस्टिंग से लेकर प्रमोशन तक के भेदभाव का शिकार हुए।

ईमानदार IPS की तरह है छवि

अमिताभ ठाकुर की छवि एक ईमानदार IPS अधिकारी की तरह है। अमिताभ के साथ काम करने वाले विभाग के कर्मी बताते हैं कि वह एकदम सादा जीवन जीते थे। ये सफर में जाते समय जूनियर कर्मियों को अपना बैग भी नहीं ढोने देते थे। वह खुद ही अपना सामना ढोते थे।

2015 में चर्चा में आए ठाकुर

साल 2015 में अमिताभ ठाकुर काफी सुर्खियों में रहे। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर धमकी देने का आरोप लगाया था। उन्होंने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की थी जिसमें कथित तौर पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने उन्हें धमकी दी थी।

मुलायम सिंह का ऑडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। जिसके बाद से अमिताभ ठाकुर पर लगातार रिट याचिकाएं दायर करने, सरकार की नीतियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने और पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगते रहे हैं। जबकि अमिताभ की बातें लोकहित में सुधारात्मक ध्यानाकर्षण के लिए होती है। वजह जो भी हो लेकिन ये कहना गलत नहीं होगा कि अमिताभ ठाकुर सरकार की आंखों में किरकिरी बने हुए थे। जिसे सरकार ने निकाल बाहर कर दिया है।

घर के बाहर लगाया जबरिया रिटायर का बोर्ड

1992 बैच के IPS अमिताभ ठाकुर ने जबरन रिटायर कर दिए जाने के बाद उन्होंने अपने घर की नेम प्लेट पर ‘जबरिया रिटायर आईपीएस’ लिख दिया है। इसके बाद एक तस्वीर खिंचवाकर उन्होंन सोशल मीडिया पर शेयर किया है। जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग सरकार पर हमला बोल रहे हैं।

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