दंडी संन्यासी प्रयागराज के माघ मेला प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज़

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला प्रशासन की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी व्यक्त की है।

प्रयागराज: दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला प्रशासन की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी व्यक्त की है।

स्वामी विमलदेव आश्रम ने शनिवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पतित पावनी गंगा,श्यामल यमुना और अन्त: सलिला स्वरूप में प्रवाहित सरस्वती के संगम तट पर परंपरा के अनुसार माघ मेला 2021 संपन्‍न कराने का निर्देश दिया है वहीं मेला प्रशासन ने बिना दंडी संन्यासियों को बुलाए ही मेला सलाहकार समिति की बैठक करा ली।

माघ मेला,स्वामीनगर का क्षेत्र

उन्होने कहा कि मेला क्षेत्र में दंडी स्वामीनगर का क्षेत्र अहम होता है। दंडी संन्यासियों को समिति के जरिए भूमि वितरित होती है। इसके लिए मेला प्रशासन और समिति के पदाधिकारी हर बार बैठक करते हैं। इस बार उसका पालन नहीं हुआ।

स्वामी ने कहा कि माघ मेला बसाने से पहले प्रशासन मेला सलाहकार समिति की बैठक करता है। इसमें आचार्यबाड़ा, खाकचौक, दंडी संन्यासी, प्रयागवाल सहित प्रमुख धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल होते हैं। इधर दो दिसंबर को मेला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। इसकी सूचना दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति को नहीं दी गयी। उन्होने बताया कि प्रशासन अपनी भूल को स्वीकार करते हुए जल्द दंडी सन्यासियों के साथ बैठक करेगा।

उन्होने कहा कि हर बार माघ मेला में दंडी सन्यासियों को 90 बीघा जीमन मिलती थी। महामारी कोरोना से बचाव को लेकर इस बार सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा जिसके लिए 120 से 130 बीघे जमीन की आवश्यकता होगी।

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