अन्ना हजारे के मंच पर फडणवीस को देख फूटा किसान का गुस्सा, फेंक दिया जूता

नई दिल्ली: भले ही दिल्ली के रामलीला मैदान पर किसानों की समस्या को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का अनशन सात दिन बाद ख़त्म हो गया है, लेकिन इस अनशन की समाप्ति महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जूता फेंके जाने के साथ हुई। यह जूता एक किसान ने फेंका था। पुलिस ने इस किसान को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, अन्ना हजारे पिछले सात दिनों से किसानों की समस्याओं और लोकपाल से संबंधित मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे। उनके इस अनशन में देश भर से की किसानों ने हिस्सा लिया था।

केंद्र सरकार ने अन्ना हजारे की लोकपाल में संसोधन की सभी मांग को मान लिया। जिसके बाद अन्ना ने अनशन ख़त्म करने की घोषणा कर दी। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस केंद्र सरकार का संदेश लेकर अन्ना हजारे का अनशन खुलवाने रामलीला मैदान गए थे। उनके साथ केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी थे।

हजारे ने गुरुवार को उपवास तोड़ने के बाद कहा कि सरकार ने उनकी मांगों के क्रियान्वयन की कोई समयसीमा नहीं बताई है। इसलिए अगर छह महीने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह सितंबर में फिर से भूख हड़ताल करेंगे।

अन्ना की ये मांग थी कि लोकपाल के तहत विधायक, सांसद, प्रधानमंत्री और मंत्रियों पर भी कारवाई की जाए। सरकार ने अन्ना की भरोसा दिलाया है कि जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति की जाएगी।

बता दें कि अन्ना हजारे 23 मार्च से अनशन पर हैं और गुरुवार को ये सातवें दिन में प्रवेश कर गया। उनके सहयोगी दत्ता अवारी ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले अन्ना का वजन पांच किलोग्राम से ज्यादा घट गया है और अनशन की वजह से उनका रक्तचाप भी गिरा है।

 

 

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