मध्य प्रदेश में ‘अन्न उत्सव’ का शुभारंभ, PM Modi ने की लाभार्थियों से बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PM गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में आज करीब 5 करोड़ लाभार्थियों के साथ सीधे बातचीत की है

भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (Prime Minister Garib Kalyan Anna Yojana) के लाभार्थियों के साथ संवाद किया है।

संवाद के दौरान PM मोदी ने कहा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में आज करीब 5 करोड़ लाभार्थियों को अन्न वितरण करने का अभियान चल रहा है। जब कोरोना शुरू हुआ तब से देश के 80 करोड़ से ज्यादा गरीबों के घरों में मुफ्त राशन पहुंचाया जा रहा है। पीएम ने कहा ये दुखद है कि मध्य प्रदेश में अनेक जिलों में बारिश और बाढ़ की परिस्थितियां बनी हुई हैं। अनेक साथियों के जीवन और आजीविका दोनों प्रभावित हुई है। मुश्किल की इस घड़ी में भारत सरकार और पूरा देश, मध्य प्रदेश के साथ खड़ा है।

 

उन्होंने कहा कोरोना से उपजे संकट से निपटने के लिए भारत ने अपनी रणनीति में गरीब को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना हो या फिर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना, पहले दिन से ही गरीबों और श्रमिकों के भोजन और रोजगार की चिंता की गई।

छोटे, लघु, सूक्ष्म उद्योग

प्रधानमंत्री ने कहा छोटे, लघु, सूक्ष्म उद्योगो को अपना काम जारी रखने के लिए लाखों करोड़ रुपए की मदद उपलब्ध कराई गई है। आज अगर सरकार की योजनाएं ज़मीन पर तेज़ी से पहुंच रही हैं, लागू हो रही हैं तो इसके पीछे सरकार के कामकाज में आया परिवर्तन है। पहले की सरकारी व्यवस्था में एक विकृति थी। वो गरीब के बारे में सवाल भी खुद पूछते थे और जवाब भी खुद ही देते थे। जिस तक लाभ पहुंचाना है, उसके बारे में पहले सोचा ही नहीं जाता था।

National Handloom Day

पीएम मोदी ने बताया गांव, गरीब, आदिवासियों को सशक्त करने वाला एक और बड़ा अभियान देश में चलाया गया है। ये अभियान हमारे हस्तशिल्प को, हथकरघे को, कपड़े की हमारी कारीगरी को प्रोत्साहित करने का है। ये अभियान लोकल के प्रति वोकल होने का है। इसी भावना के साथ आज देश राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) मना रहा है।

जिस खादी को कभी भुला दिया गया था, वो आज नया ब्रांड बन चुका है। अब जब हम आजादी के 100 वर्ष की तरफ नए सफर पर निकल रहे हैं, तो आजादी के लिए खादी की उस स्पिरिट को हमें और मजबूत करना है। आत्मनिर्भर भारत के लिए, हमें लोकल के लिए वोकल होना है।

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