कनाडा के बाद अब लंदन से वापस आएगी भारत में एक और मूर्ति, 40 साल पहले हुई थी चोरी

कनाडा के बाद लंदन से वापस आएगी मां की चोरी हुई मूर्ति

आपको याद होगा कुछ समय पहले मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को कनाडा से वापस लाया गया था. यह वाराणसी से वर्ष 1913 के आसपास चोरी हुई थी और तस्करी कर कनाडा भेज दी गई थी. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में रानी भवानी स्थित उत्तरी गेट के बगल में प्राण प्रतिष्‍ठा कर मूर्ति स्थापित की गई है. वहीं अब बांदा से करीब 40 किलोमीटर दूर लोहारी गांव में बने मंदिर से 40 साल पहले महामाई (मां योगिनी) की मूर्ति चोरी हो गई थी. जैसे ही गांव में यह खबर लगी उनकी महामाई की मूर्ति लंदन के पार्क में मिली है, जिसको जल्द भारत लाया जाएगा तो गांव में खुशी का ठिकाना नहीं रहा. गांव के लोग यह सुनने के बाद उत्साहित नजर आए और मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर की परिक्रमा कर रहे हैं.

गांव में खुशी की लहर

लोहारी गांव के बुजुर्ग शिवचरण ने बताया कि यह मंदिर उनके पूर्वज के समय का है. इसका नाम महामाई मंदिर है. 1980 के आसपास इस मंदिर की मूर्ति चोरी हो गई थी. शिवचरण ने कहा कि उनके पूर्वज यह भी बताते थे कि मंदिर में कई पुजारी रहे हैं. सिद्धू बाबा, दुर्गा बाबा, राम मनोहर बाबा, मातोली खेगर बाबा पुजारी यहां रहते थे. जब से महामाई की मूर्ति मिलने की खबर मिली है तब से गांव के लोग बहुत खुश हैं.

8वीं शताब्दी की है मूर्ति

बता दें कि लोहारी गांव से चोरी हुई मां योगिनी की मूर्ति 40 साल बाद लंदन में एक घर के बगीचे से मिली है. यह मूर्ति 8वीं शताब्दी की बताई जा रही है. मूर्ति को भारत लाने की कवायद तेज हो गई है. लंदन में भारतीय उच्चायोग ने इसकी पुष्टि की और बताया कि प्राचीन मूर्ति की भारत वापसी की औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. कुछ महीनों में इसे भेज दिया जाएगा.

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