UP पुलिस पर लगा एक और दाग ! गैंगरेप पीड़िता का जबरन कराया अंतिम संस्कार, गांव नहीं जाने दिया शव

पुलिस ने गांव नहीं जाने दिया गैंगरेप पीड़िता का शव

डिलीवरी के दौरान कानपुर में गैंगरेप पीड़िता की मौत मामले में पुलिस पहले ही सुर्खियों में थी. वहीं अब पिता ने कहा की सब कुछ पुलिस ने अपनी मर्जी से किया. दरअसल कानपुर में मंगलवार को एक दुष्कर्म पीड़िता ने बच्चे को जन्म दिया और उसके बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई. लड़की के साथ 6 महीने गैंगरेप हुआ था. पुलिस ने नाबालिग से गैंगरेप के मामले में आरोपी लेखपाल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया. जहां से उसे जेल भेज दिया गया. उधर, बवाल की आशंका पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने मां-बच्चे का शव गांव नहीं जाने दिया. जबरन कानपुर के भैरव घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार कराया. इसके बाद परिजनों को उनके गांव पहुंचा दिया गया.

कल हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत

मामला ककवन थाना क्षेत्र का है. जहां लेखपाल रंजीत ने अपने तीन साथियों के साथ 16 साल की लड़की से गैंगरेप किया था. 4 महीने की प्रेग्नेंट होने पर लड़की के घरवालों को इसका पता चला था. इसके बाद पिता ने 11 अक्टूबर को 4 लोगों के खिलाफ बेटी से गैंगरेप करने की FIR दर्ज कराई थी. कानपुर हैलट अस्पताल में 14 दिसंबर को उसने बच्चे को जन्म दिया. लेकिन मां-बच्चे दोनों की मौत हो गई.

पुलिस अफसरों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार

बुधवार सुबह से ही पोस्टमार्टम हाउस में SDM बिल्हौर, आउटर के एडिशनल SP आदित्य शुक्ला, सीओ बिल्हौर और सदर के साथ ही कई थानों का फोर्स मौजूद था. पीड़ित परिवार ने बताया कि पुलिस ने जबरन शव का अंतिम संस्कार करा दिया. जबकि वह गांव में बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते थे. इतना ही नहीं, पुलिस ने परिजनों को मीडिया से भी बात करने पर रोक लगा रखी थी. प्रशासन ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन देकर शांत कराया.

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