अपोलो रोजाना 10 लाख कोविड-19 वैक्सीन का करेगा प्रबंधन

अपोलो ग्रुप
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नई दिल्ली: कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में केन्द्र सरकार की मदद के लिए अपोलो अस्पताल समूह ने हर दिन 10 लाख कोविड-19 वैक्सीन के प्रबंधन के लिए पूरी तरह से तैयार होने की घोषणा की है और इस कार्य में वह देश भर में फैले हुए अपने विशाल नेटवर्क का उपयोग करेगा।

अपोलो समूह में अपार क्षमता 

अपोलो अस्पताल समूह के नेटवर्क में कोल्ड चेन सुविधाओं से सज्जित 19 दवाइयां आपूर्ति केंद्र, 70 अस्पताल, 400 से ज्यादा क्लिनिक्स, 500 कॉर्पोरेट हेल्थ सेंटर्स, 4000 फार्मेसी और अपोलो 24/7 ओम्नी-चैनल डिजिटल प्लेटफार्म शामिल हैं, जिनसे कोविड-19 वैक्सीन के प्रबंधन की भारी क्षमता उपलब्ध होगी। इसके लिए 10000 से ज्यादा अपोलो कर्मचारियों को वैक्सीनेशन से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है और वैक्सीन के प्रबंधन के लिए उन्हें अपोलो सेंटर्स में तैनात किया जाएगा।

वैक्सीन हर व्यक्ति तक पहुचाना बड़ी चुनौती

अपोलो समूह की कार्यकारी प्रमुख शोभना कमिनेनी ने बताया, इस संक्रामक बीमारी पर जल्द से जल्द वैक्सीन खोजी जाने की प्रतीक्षा पूरा देश कर रहा है, लेकिन वैक्सीन आने के बाद हमें एक और चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। देश की 1.3 बिलियन आबादी में से हर एक व्यक्ति तक वैक्सीन को जल्द से जल्द और सुरक्षित रूप में पहुंचाना अपने आप में एक चुनौती होगी।

उन्होने कहा कि हमें यह बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है कि वैक्सीन की आपूर्ति के लिए अपनी कोल्ड चेन को और ज्यादा मज़बूत करने का काम अपोलो अस्पताल समूह में तेज़ी से किया जा रहा है, सर्वोत्तम सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए वैक्सीनेशन के सक्षम और तेज़ प्रबंधन के लिए अपोलो अपनी सभी सुविधाओं को तैयार कर रहा है, हमें आशा है कि हम हर दिन 10 लाख तक डोसेस का प्रबंधन कर पाएंगे।

अपोलो में लगातार  टेस्ट जारी

अपोलो में अभी तक 250000 से ज्यादा लोगों के कोरोना टेस्ट्स किए हैं और 75000 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया है। देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन जल्द से जल्द और सुरक्षित रूप में मिले इसके लिए सभी सरकारों, सरकारी एजेंसियों और स्वास्थ्य सेवाओं की मदद करने में हमें ख़ुशी होगी।

गौरतलब है कि हाल ही में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डा. वी के पॉल ने कहा था कि वैक्सीन बनने के बाद इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि इसे सुरक्षित तरीके से भंडारित किया जाए और इसके बाद लक्षित समूहों तक इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभी नागरिकों तक वैक्सीन पहुंचाने में और वैक्सीनेशन के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य अभियान (नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन) के साथ काम शुरू करने वाले स्वास्थ्य सेवा आपूर्तिकर्ताओं में अपोलो अस्पताल समूह शामिल है।

 

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