कानपुर (Kanpur) में मेगा लेदर पार्क (Mega leather park) के स्थापना की मिली मंजूरी:सिद्धार्थ नाथ सिंह

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कानपुर में ग्रीन फील्ड मेगा लेदर पार्क की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम,निवेश तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह (Sidharth Nath Singh) ने कानपुर (Kanpur) में ग्रीन फील्ड मेगा लेदर पार्क (Mega Leather Park) की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूर करने के लिए केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) के प्रति किया आभार व्यक्त किया है।

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार (Indian Government) द्वारा कानपुर में ग्रीन फील्ड मेगा लेदर पार्क (Mega leather park) की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी प्रदान कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कानपुर में मेगा लेदर कल्स्टर की स्थापना से लगभग 5850 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं 1.50 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सुलभ हाेंगे।

उन्होंने कहा कि कल्स्टर के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 13000 करोड़ रुपये का टर्नओवर भी होगा। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निवेश तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आज यहां दी।

राज्य व भारत सरकार के सहयोग से निर्मित होगा अत्याधुनिक मेगा लेदर पार्क

सिंह ने बताया कि मेगा लेदर पार्क की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार (State Government) ने 236 करोड़ रुपये तथा भारत सरकार (Indian Government) ने 125 करोड़ रुपये कुल 451 करोड़ रुपये सहित अवस्थापना सुविधाओं के लिए व्यय किये जायेंगे। इसके तहत सड़क, वाटर सप्लाई, सीवेज, ड्रेनेज, हार्टीकल्चर, बाउंड्रीवाल, स्ट्रीट लाइट, इंटरनल वाटर सप्लाई, इंटरनर स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज, आई टी एण्ड टेलीकम्यूनिकेशन, प्रशासनिक भवन, डिजाइन लैब, टेस्टिंग लैब, वैल्यू एडीशन सेंटर, हास्टल तथा अन्य सामान्य सुविधाएं उद्यमियों को सुलभ कराई जायेंगी।

चर्म उघोग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी नई पहचान

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने जाने पर प्रदेश के चर्म उद्योग (Leather industry) को अंतरराष्ट्रीय स्तर की अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी तथा घरेलू चर्म उद्योग को बेहतर उत्पादकता, निर्यात तथा नये निवेश के संदर्भ में वांछित प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा चर्म उद्योग के क्षेत्र में नये निवेश किये जाने से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

सिंह ने बताया कि इसके अतिरिक्त परियोजना के तहत कल्स्टर (Clusters) में एक 20 एमएलडी क्षमता के दूषित जल ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जायेगी। 250 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना से कानपुर (Kanpur) की सभी प्रमुख टैनरियां आच्छादित हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि इस परियोेजना के फलस्वरूप गंगा को साफ बनाये रखने की दिशा में भारत सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों को भी बल मिलेगा।

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उन्होंने बताया कि कानपुर जिले में चर्म उद्योग से संबंधित 2125 इकाइयां स्थापित हैं, जिसके माध्यम से 1.20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। इन इकाइयों में प्रतिदिन 75000 जोड़े फुटवेयर का निर्माण होता है और लगभग 6500 करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात भी किया जाता रहा है। इससे प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ का टर्नओवर भी होता था। प्रदूषण आदि की वजह से इन टैनरियों को 18 नवम्बर, 2018 को बंद कर दिया गया। इस संबंध में उन्होंने कानपुर जाकर टैनरियों की विस्तार से समीक्षा की और 20 दिसम्बर, 2019 से पुनः इनको शुरू करने के स्वीकृति दी गई। लेकिन कतिपय कारणों से 19 फरवरी से इन्हें एक बार पुनः को बंद करना पड़ा है।

सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कानपुर के चर्म उद्योग (Leather industry) को पुनर्जीवित करने के लिए उठाये गये इन कदमों से इस उद्योग को नया आयाम मिलेगा, वहीं नये निवेश के साथ अधिक से अधिक रोजगार का सृजन भी होगा।

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