मोबाइल फोन बनाने के लिए मिली मंजूरी, 5 सालों में बनेंगे 10.5 लाख करोड़ के स्मार्टफोन

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने घरेलू और इंटरनेशनल कंपनियों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। सरकार उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत मोबाइल फोन बनाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए निवेश करेगी। पीएलआई योजना के तहत कंपनियां अगले 5 साल में करीब 10.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन बनाएंगी।

मोबाइल फोन बनाने के लिए मिली मंजूरी
मोबाइल फोन बनाने के लिए मिली मंजूरी

इन कंपनियों को मिली मंजूरी

केंद्र सरकार ने मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इनमें आईफोन बनाने वाली विदेशी कंपनी एपल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फॉक्स कॉन होन हाई, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। इसके अलावा सैमसंग और राइजिंग स्टार के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल गई है।

सरकार सैमसंग और एपल के अलावा कई घरेलू कंपनियों को भी मंजूरी दी है। इसमें से लावा, माइक्रो मैक्स, पडगेट इलेक्ट्रॉनिक्स, यूटीएल नियो लिंक्स और ऑप्टिमस शामिल हैं।

योजना से पैदा होंगे लाखों रोजगार

सरकार की तरफ से जारी किए बयान में कहा गया है कि इस योजना के तहत कंपनियां अगले 5 सालों में 2 लाख से अधिक रोजगार देगी। इसके साथ ही सीधे तौर पर इससे करीब 3 गुना ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई है सरकार ने कहा कि योजना से पूरे देश में ना सिर्फ लाखों नए रोजगार पैदा होंगे। बल्कि लाखों करोड़ों का निवेश भारत में आएगा। जो मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत योजनाओं को बढ़ावा देगा।

11 हजार करोड़ करेगी निवेश

सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस योजना के तहत मंजूरी मिलने वाली कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में करीब 11,000 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट भी लाएंगी।

क्या है पीएलआई योजना

प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) की शुरूआत 1 अप्रैल से की गई थी। जिसमें सरकार ने कहा था कि इसके अंतर्गत भारत में मोबाइल बनने पर 5 सालों के लिए 4 फीसदी से 6 फीसदी तक की सहयोग राशि देगी।

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