गाजा में इजरायली कार्रवाई के विरोध में अर्जेंटीना ने यरुशलम में होने वाला फ्रेंडली मैच रद्द किया

जेरूसलम। फिलिस्तीनियों के साथ इजरायल द्वारा किए जा रहे व्यवहार पर बढ़ते विरोध प्रदर्शन के कारण अर्जेटीना और इजराइल के बीच खेले जाने वाले दोस्ताना मैच को रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों और खिलाड़ियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने इस मैच को रद्द कराने की बात कही।

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समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों की शासी निकाय संघों द्वारा किसी प्रकार की टिप्पणी में कमी के कारण इस मैच का आयोजन हाइफा की बजाए जेरूसलम में करने का फैसला लिया गया था।

जेरूसलम में इस मैच के आयोजन को स्थानांतरित किया जाना इस मैच को रद्द किए जाने के कारणों में से एक है।

अर्जेटीना में इजराइल दूतावास की ओर से मिली जानकारी में यह सामने आया है कि स्टार खिलाजडी लियोनेल के परिवार को सीधे तौर पर मिली धमकी के कारण भी इस मैच को रद्द करने का फैसला लिया गया।

इजराइल के राष्ट्रपति रुएवेन रिवलिन ने कहा कि बुधवार की सुबह देश में फुटबाल के प्रशंसकों और उनके खुद के नाती-पोतों के लिए निराशानजक रही।

उन्होंने कहा, हालांकि, कई चीजें ऐसीं हैं जो मेसी से भी बढ़कर हैं। अर्जेंटीना के कदम का राजनीतिकरण मुझे बहुत चिंतित करता है।

ईएसपीएन चैनल के साथ साक्षात्कार में अर्जेटीना और जुवेंतस के स्ट्राइकर गोंजालो हिगुएन ने कहा कि आखिरकार सही फैसला ले लिया गया। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य और सामान्य विचार पहले आते हैं और इसलिए, हमारा मानना है कि इस मैच का न होना ही सही है।

इस मैच के कारण फिलिस्तीनी नागरिकों के अधिकारों के लिए लड़ रहा समूह उकसा है।

इस दोस्ताना मैच का आयोजन जेरूसलम में इजराइल के स्थापना की 70वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए टेडी कोलेक स्टेडियम में किए जाने का फैसला लिया गया।

इस मैच से पीछे हटने के लिए फिलिस्तीन फुटबाल महासंघ ने अर्जेटीना का शुक्रिया अदा किया है।

इजराइल के एक सैन्य बल ने गाजा क्षेत्र में इकट्ठे हुए प्रदर्शकारियों के समूह पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें दर्जनों फिलिस्तीनियों मारे गए। इसमें कई नागरिक, बच्चे और चिकित्सा सहायक शामिल थे।

ऐसे में जेरूसलम हमेशा से इस प्रकार के हमलों का मुख्य केंद्र रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अमेरिकी दूतावास को स्थानांतरित करने और जेरूसलम को इजराइल की राजधानी करार दिए जाने के बाद से यहां तनाव और बढ़ गया है।

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