कारगिल के २० साल पर सेना प्रमुख बोले, भारतीय सेना जबाव देने में सक्षम

नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कारगिल की लड़ाई के 20 साल पूरे होने पर कहा कि भारतीय सेना सीमा की रक्षा करने में सक्षम है। अगर दुश्मन कोई हरकत करता है, तो उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा। देश की सेना किसी से भी कम नहीं है।इसके साथ ही यह भी कहा कि कई कठिन परिस्थितियों में किए गए कई ऑपरेशन के साथ कई बाधाओं के बावजूद, एक शानदार जीत हासिल करने पर बहादुर सेना और राष्ट्र को गर्व है। रावत ने ‘कारगिल युद्ध के 20 साल बाद’ पर हुए एक सेमिनार में ये बात कही। बिपिन रावत ने आगे कहा कि भविष्य में होने वाले युद्ध और अधिक हिंसक हो जाएंगे जहां मानव कारक का महत्व कम रह जाएगा। जिसमे मानव के साथ-साथ प्राकृतिक एवं भौतिक दोनों प्रकार का नुकसान होगा। जिससे हर किसी पर उसका प्रभाव पड़ेगा। हमारे सैनिक हमारी प्राथमिक संपत्ति हैं और रहेंगे। सेना प्रमुख ने कहा कि भविष्य में होने वाले युद्ध तकनीकी युद्ध होंगे जिनसे व्यापक स्तर पर तबाही हो सकती है। जिससे देश ही नहीं बल्कि पुरे विश्व पर इसका प्रभाव पड़ेगा। जिससे चारो ओर एक सा माहोल मालूम पड़ेगा।

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सेना प्रमुख ने भविष्य में होने वाले युद्ध को ‘हाइब्रिड युद्ध’ का नाम दिया।डेमचोक में चीनी सैनिक आंदोलनों पर सेना प्रमुख ने कहा कि कोई घुसपैठ नहीं हुई है। चीनी सैनिक आते हैं और अपनी वास्तविक नियंत्रण की कथित रेखा पर गश्त करते हैं, हम उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं।हम वास्तविक नियंत्रण की अपनी रेखा तक पहुंचने का प्रयास करते हैं जो हमें दी गई है। चीन की तरफ से कोई घुसपैठ नहीं हुई है। सेना प्रमुख ने कहा कि डेमचोक सेक्टर में कुछ तिब्बतियों द्वारा जश्न मनाया जा रहा था तो उनको देखने के लिए चीनी सैनिक आ गए कि क्या हो रहा है। सब कुछ सामान्य है।

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