अर्नब की गिरफ्तारी प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला: हरीश द्विवेदी

द्विवेदी ने पत्रकारो से बातचीत मे कहा कि वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी गंभीर रूप से निंदनीय अनुचित और चिंताजनक है. यह भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन है.

बस्ती: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय मंत्री सांसद हरीश द्विवेदी ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र में वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी और पुलिस की बर्बरता प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है.

द्विवेदी ने पत्रकारो से बातचीत मे कहा कि वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी गंभीर रूप से निंदनीय अनुचित और चिंताजनक है. यह भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन है. वरिष्ठ पत्रकार को तुरंत रिहा करके महाराष्ट्र में प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखा जाना चाहिए.

उन्होने कहा कि महाराष्ट्र की उद्धव सरकार अपनी नाकामियों को उजागर करने वाले लोगों के प्रति बदले की भावना से उनका उत्पीड़न कर रही है. भारतीय जनता पार्टी उनके इस मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस प्रतिनिधि, सच की बुलंद आवाज अर्णव को गिरफ्तार करना अलोकतांत्रिक, अघोषित आपातकाल है. जनसंघ ने 1975 के आपातकाल का विरोध करते हुए प्रेस की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी. काग्रेस के इशारे पर उद्धव ठाकरे सरकार के द्वारा लिया गया यह निर्णय तानाशाही की पराकाष्ठा है.

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