मोदी के दम पर साँसे ले रहे है विपक्ष के 90% भाषण, जाने जेटली ने और क्या कहा

2019 के चुनावी जंग में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने है. प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष के निशाने पे हैं, तो वहीं भाजपा की ओर से भी कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी बयान दिया है कि अगर नरेंद्र मोदी को हटा दिया जाए, तो विपक्षी पार्टियों के 90 फीसदी भाषण खत्म हो जाएंगे. उन्होंने कांग्रेस की न्याय योजना को एक ‘ब्लफ’ बताया, जो जनता को गुमराह करने वाला है.

एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि चुनाव से पहले पूरा फोकस नेता पर ही होता है, फिर चाहे वह 1998-99 का चुनाव हो या इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के दौर का चुनाव हो. उन्होंने कहा कि ये चुनाव मोदी के नाम पर लड़ा जा रहा है और मोदी पर ही जनमत संग्रह की तरह ही हैं.

उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसा परिवार है जिसे लगता है कि सिर्फ वह ही इस देश पर राज कर सकता है और वह किसी और को सत्ता में नहीं देख सकता है. जेटली बोले कि संसद की प्रक्रिया के दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी पेपर फाड़ रही थीं, जब मैं राफेल के मुद्दे पर बोल रहा था. इसके अलावा राहुल गांधी पार्लियामेंट के चेंबर में सांसदों के साथ सेल्फी क्लिक कर रहे थे.

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हम एक मुद्दों के साथ चुनाव में आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें अर्थव्यवस्था, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा अहम है. वहीं अगर विपक्ष को देखें तो वहां पर सिर्फ खिचड़ी है, जो दो महीने तक भी नहीं टिकेगी. वहां पर कोई विचारधारा नहीं है.

अरुण जेटली ने कहा कि कोई भी चुनाव किसी एक मुद्दे पर नहीं लड़ा जाता है. आज राष्ट्रीय सुरक्षा भी अहम मुद्दा है. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे कद के नेता जो बयान दे रहे हैं, वह भी चुनाव का मुद्दा हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेगी, इन्हें मुद्दा जरूर बनाएगी.

गौरतलब है कि पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को देश की 91 सीटों पर मतदान होना है. सोमवार को ही भारतीय जनता पार्टी अपना घोषणापत्र ला रही है, ऐसे में सभी की नज़र बीजेपी के मेनिफेस्टो पर है.

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