अरविंद शर्मा की इंट्री से मचा हड़कंप, अब मंत्रियों की नहीं हो सकेगी कमाई

अरविंद शर्मा के आते ही यूपी के तमाम मंत्रियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सबसे ज्यादा उन मंत्रियों की जिन्‍होंने अभी तक काम की बजाय कमाई पर ध्यान दिया है।

लखनऊ: पूर्व आईएएस अरविंद कुमार शर्मा (Arvind Kumar Sharma) के भाजपा (B J P) ज्‍वाइन करने के बाद ही उन्हें विधान परिषद चुनाव (Legislative council election) का प्रत्‍याशी घोषित कर दिया गया था। अरविंद शर्मा (Arvind Sharma) के आते ही यूपी के तमाम मंत्रियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सबसे ज्यादा उन मंत्रियों की जिन्‍होंने अभी तक काम की बजाय कमाई पर ध्यान दिया है। ये सब अब अपनी-अपनी कुर्सी बचाने में जुटे हैं। भाजपा (B J P) सूत्रों ने बताया कि चुनावी साल में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ बिजली, पानी और सड़क जैसे बुनियादी विभागों से बेहतर काम चाहते थे, लेकिन इन विभागों के मंत्री अभी तक उनकी उम्‍मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं।

सीएम योगी चुनाव से पहले हर मोर्चे को मजबूत करना चाहते हैं। इसलिए वह पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और उन्हें इस परेशानी से अवगत कराया और रिजल्‍ट ओरियेंटेड व्‍यक्ति की मांग की। सीएम योगी ने पीएम मोदी से उनके मंत्रिमंडल सहयोगी एस जयशंकर तथा हरदीप पुरी जैसे स्किल्‍ड व्‍यक्ति की मांग की ताकि यूपी में सड़क, बिजली और पानी जैसे विभागों की कार्यप्रणाली का मैकेनिज्‍म सुधारा जा सके। मोदी-योगी की इस मुलाकात के बाद ही मऊ जिले के मूल निवासी और गुजरात कैडर के आईएएस अरविंद शर्मा को रिटायरमेंट से दो साल पहले ही वीआरएस लेने का निर्देश दे दिया गया। वीआरएस लेने के साथ ही यह सामने आ गया कि यूपी में उन्‍हें महत्‍वपूर्ण पद दिया जायेगा।

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अरविंद शर्मा को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

विधान परिषद का चुनाव निपटने के बाद योगी मंत्रिमंडल का तीसरा और आखिरी विस्‍तार होगा। इसमें अरविंद शर्मा को डिप्‍टी सीएम बनाकर महत्‍वपूर्ण विभागों की जिम्‍मेदारी सौंपी जायेगी। यह विस्‍तार लंबे समय से लटक रहा था, क्‍योंकि योगी की टीम में उनकी तरह मेहनत करने वाले मंत्रियों का निहायत ही अभाव है। इस विस्‍तार में कई लापरवाह मंत्रियों की कुर्सी भी जाने वाली है। दो-चार नये चेहरों को भी चुनावी समीकरण देखते हुए जगह दी जायेगी। खबर है कि पैसे देकर पद पाने वाले दूसरे दलों से आये लोग भी निशाने पर हैं।

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75 जिलों का सीएम योगी कर चुके है दौरा

मुख्‍यमंत्री होने के बावजूद योगी आदित्‍यनाथ राज्‍य के सभी 75 जिलों का एक से अधिक बार दौरा कर चुके हैं तथा जनता की परेशानियों से रूबरू हो चुके हैं। उनकी मंत्रिमंडल का एक भी सहयोगी आज तक राज्‍य के सभी जिलों में नहीं जा सका है, क्‍योंकि उसकी दिलचस्‍पी जनता में नहीं है। एक भी मंत्री ऐसा नहीं है जो कह सके कि उसने उत्‍तर प्रदेश के सभी जिलों का दौरा करके जनता की परेशानियों से अवगत हुआ है। मंत्रियों की इसी लापरवाही से योगी लगातार कुपित रहे हैं। मंत्रियों की दिलचस्‍पी जनता की समस्‍याओं से ज्‍यादा टेंडर मैनेज करने तथा वसूली कराने में रही है।

 

 

 

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