मैंने जवानों को खुद शहीद होने की जगह दुश्मन का सफाया करने के निर्देश दिए थे

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पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि जब वह रक्षा मंत्री थे तो उनकी हमेशा ये कोशिश रहती थी कि कम से कम जिंदगियों को नुकसान हो। ये बात पर्रिकर ने जेके सीमेंट स्वच्छ एबिलिटी रन के दूसरे संस्करण के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कही।

हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा में उनके योगदान को नहीं भूल सकते

पर्रिकर ने आगे कहा कि उन्होंने सैन्य बलों के जवानों को खुद शहीद होने की जगह दुश्मन का सफाया करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा, हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा में उनके योगदान को नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा, देश के लिए सब कुछ बलिदान करना जरूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जब आप लड़ने जाएं तो अपनी जान गंवा दें, बल्कि आपको अपने दुश्मनों का सफाया कर देना चाहिए। यही लक्ष्य था।

अक्षम लोग सामान्य व्यक्ति की तुलना में समाज में ज्यादा योगदान दे सकते हैं

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कभी-कभी शारीरिक रूप से अक्षम लोग सामान्य व्यक्ति की तुलना में समाज में ज्यादा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां आया हूं क्योंकि मैं दिव्यांगों को समाज का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा मानता हूं। वे कभी-कभी सामान्य व्यक्ति से ज्यादा योगदान दे सकते हैं और मैंने इन क्षमताओं को देखा है।

बता दें फरवरी 2017 को पर्रिकर ने कहा था कि, मैं जानता हूं कि अगर कोई कैंडिडेट रैली करता है तो आप लोग उसके आसपास घूमने के लिए 500 रुपए लेते हो, ठीक है। लेकिन यह बात जरूर याद रखना कि जब वोट करो तो कमल (बीजेपी का सिंबल) ही चुनना। ये बयान गोवा में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिया गया था। बाद में चुनाव आयोग ने पर्रिकर को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया था।

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