तालिबान की सरकार बनते ही अपनो में लगी आग, उप प्रधानमंत्री अपनी सरकार से नाराज

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनते ही आपसी नफरत पैदा होनी शुरू हो गई है। तालिबान के मजबूत सूत्र से खबर मिली है कि इस्लामी अमीरात अफगानिस्तान के उप मुख्यमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर (Mullah Abdul Ghani Baradar) खुद अपनी तालिबान की मौजूदा सरकार से नाखुश हैं और वर्तमान सत्ता संरचना से परेशान हैं। जिसमें कि प्रधानमंत्री मुल्ला हसन अखुंद और हक्कानी की प्रमुख भूमिका है।

पिछले सप्ताह उप मुख्यमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर का हक्कानी से विवाद हो गया था, जिसके बाद वह कंधार के लिए रवाना हो गया। बरादर अपनी ही सरकार से काफी नाखुश है क्योंकि दोहा टीम ने अंतरिम सरकार में हामिद करजई और अब्दुल्ला अब्दुल्ला जैसे गैर-तालिबान चेहरों को शामिल करने का वादा किया था लेकिन ऐसा हुआ नही था।

तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद सुहैल ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बताया था कि मौजूदा सरकार का गठन लोगों को आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए “तत्काल” किया गया था। सरकार बनाने में पाकिस्तान की कथित भूमिका पर शाहीन ने बताया कि, हमारे पड़ोसी और क्षेत्रीय दोनों देशों के साथ संबंध हैं। इसलिए, निश्चित रूप से, हम अफगानिस्तान के निर्माण में उनका सहयोग चाहते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारे आंतरिक मामलों में उनका हस्तक्षेप है। सुहैल ने कहा यह हमारी नीति नहीं है, हमारी नीति स्पष्ट है। हमारी समस्या का समाधान हो जाएगा।

 

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