अब पूरी जिंदगी जेल में रहेगा आसाराम, नाबालिग से रेप मामले में उम्रकैद की सजा

नई दिल्ली। आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक आसाराम को नाबालिग लड़की से रेप केस में दोषी ठहराया गया है। इस मामले में आसाराम सहित तीन अन्य लोगों अदालत ने दोषी करार दिया है। आसाराम के अलावा उनकी राजदार शिल्पी, शरतचंद्र को भी इस मामले में दोषी करार दिया गया है। अदालत ने आसाराम को उम्रकैद और बाकियों को 20-20 साल की  सजा सुनाई है। जबकि शिवा और प्रकाश को बरी कर दिया। आसाराम की तरफ से 14 वकीलों की फौज ने कोर्ट में बहस की। उम्र का हवाला देकर आसाराम के वकीलों ने कम सजा की मांग की थी।

आसाराम

आसाराम को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 और यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम (पोस्को) और किशोर न्याय अधिनियम (जेजे) के तहत दोषी ठहराया गया। पुलिस द्वारा छह नवंबर 2013 को पोस्को अधिनियम , किशोर न्याय अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आसाराम और चार अन्य सह- आरोपियों शिल्पी, शरद, शिवा और प्रकाश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

इस मामले में अंतिम सुनवाई एससी/एसटी की विशेष अदालत में सात अप्रैल को पूरी हुई थी और अदालत ने फैसले को सुरक्षित रखते हुए 25 अप्रैल को सुनाने की बात कही थी। इस केस में कुल 58 गवाह हैं। आसाराम के ख़िलाफ़ जिन धाराओं में केस दर्ज है, उसमें उम्रक़ैद तक की सज़ा हो सकती है।

पीड़िता के पिता ने कहा हमे न्याय मिला 

आसाराम को दोषी करार देने के बाद पीड़िता के पिता ने कहा कि अब हमें न्याय मिला है। साथ ही उन लोगों को भी न्याय मिला है जिनका कत्ल कर दिया गया था या अपहरण किया गया था। मुझे पूरा भरोसा है कि अब आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस लड़ाई में मेरी मदद की और साथ खड़े रहे।

सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था 

इस फैसले के मद्देनजर पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। आसाराम के समर्थकों से कानून-व्यवस्था को खतरे की आशंका को लेकर राजस्थान के जोधपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि राम रहीम पर फैसले के बाद पंचकूला में हुई हिंसा को ध्‍यान में रखते हुए केन्द्र ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा सरकारों से सुरक्षा बढ़ाने और अतिरिक्त बल तैनात करने को कहा है, क्योंकि यहीं आसाराम के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। सरकार ने सुनिश्चित किया है कहीं भी हिंसा न हो।

हर बस और गाड़ी जो जोधपुर शहर में प्रवेश कर रही है उसकी तलाशी ली जा रही है। होटल और धर्मशाला की चेकिंग हर 4 घंटे में की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने जोधपुर की एक अदालत द्वारा फैसला सुनाये जाने के मद्देनजर पुलिस को हाई अलर्ट पर किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की सीमाओं पर उनका विभाग नजर रख रहा है। इसके अलावा शहर के अंदरूनी इलाकों पर उनकी नजर है , जहां आसाराम के समर्थक फैसले के बाद जमा हो सकते हैं।

आसाराम पर नाबालिग से रेप का आरोप

आसाराम को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक किशोरी की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता आसाराम के मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा आश्रम में अध्ययन करती थी। पीड़िता का आरोप है कि आसाराम ने जोधपुर के पास मनाई इलाके में अपने आश्रम में बुलाकर उससे 15 अगस्त, 2013 को दुष्कर्म किया था।

इसके बाद 21 अगस्त 2013 को जोधपुर के महिला थाने में विधिवत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू हुई। 31 अगस्त 2013 को काफी मशक्कत छिन्दवाड़ा आश्रम से आसाराम को गिरफ्तार किया गया।। 2 सितम्बर 2013 से ही न्यायिक हिरासत में हैं। 13 फ़रवरी 2014 को कोर्ट में आरोप तय हुआ। 16 दिसम्बर 2016 से विशेष कोर्ट में केस शुरू हुआ। 7 अप्रैल 2018 को मामले में बहस पूरी हुई और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

पीड़िता के घर की सुरक्षा बढ़ी

पीड़िता के पिता का कहना है कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। आसाराम को सख्त सजा दी जाएगी।’ वहीँ उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पीड़िता के घर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। सीसीटीवी कैमरों के जरिये निगरानी रखी जा रही है।

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