एशिया का पहला Dolphin Research Center का उद्घाटन, देखेंगे गांगेय डाल्फिन की मस्तियां

बिहार के पटना साइंस कॉलेज में देश के पहले डॉल्फिन रिसर्च सेंटर का उद्घाटन हुआ है, समुद्री डाल्फिन शो की तरह गांगेय डाल्फिन का शो आयोजित किया जाएगा

पटना: बिहार (Bihar) में अब डॉल्फिन (Dolphin) की प्रत्येक गतिविधियों पर शोध होगा। समुद्री डाल्फिन शो की तरह यहां भी गांगेय डाल्फिन (Galactic Dolphin) का शो आयोजित किया जाएगा। जिसके लिए राज्य के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज कुमार (Neeraj Kumar) ने पटना साइंस कॉलेज में देश के पहले डॉल्फिन रिसर्च सेंटर (Dolphin Research Center) का उद्घाटन हुआ है। 19 करोड़ की लागत से बना है यह रिसर्च सेंटर।

 

इस उन्होंने कहा कि रिसर्च के लिए गंगा या कोसी नदी के पास 2-3 किलोमीटर का कैनाल बनाया जाएगा। जिसमें 10-15 डाल्फिन को रखकर उसकी हर गतिविधि पर रिसर्च किया जाएगा। इसके साथ ही समुद्री डॉल्फिन शो की तरह गांगेय डॉल्फिन का शो का भी आयोजित किया जाएगा। ऐसा करने से लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

छात्र-शिक्षकों से राय

मंत्री नीरज कुमार ने छात्र-शिक्षकों से डॉल्फिन रिसर्च सेंटर को लेकर राय भी मांगी है। उन्होंने कहा कि Dolphin Research Center की किसी प्रकार की समस्या का 1 सप्ताह के अंदर समाधान किया जाएगा। मीठे पानी की डॉल्फिन की दो प्रजातियां हैं। ये भारत, बांग्लादेश, नेपाल तथा पाकिस्तान में पाई जाती हैं। डॉल्फिन सभी देशों के नदियों के जल  मुख्यतः गंगा नदी में और पाकिस्तान के सिंधु नदी के जल में पाई जाती है।

केंद्र सरकार ने 18 मई 2010 को गंगा डोल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है। गंगा नदी में पाई जाने वाली गंगा डोल्फिन एक नेत्रहीन जलीय जीव है। इस समय उत्तर प्रदेश के नरोरा और बिहार के पटना साहिब के बहुत थोड़े से क्षेत्र में गंगा डोल्फिन बचीं हैं। बिहार एंव उत्तर प्रदेश में इसे ‘सोंस’ जबकि आसामी भाषा में ‘शिहू’ के नाम से जाना जाता है।

यह भी पढ़े75वें स्वतंत्रता दिवस पर देखेंगे एक अनोखा कथक श्रद्धांजलि, मंच पर थिरकेंगे ये कलाकार

(Puridunia हिन्दीअंग्रेज़ी के एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

Related Articles