एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की स्थापना, नोएडा बनेगा ब्रांड 

नोएडा में एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की स्थापना में ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल एजी ने जो रुचि दिखायी है, वह अत्यन्त सराहनीय है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्लोबल ब्रांड के तौर पर उभरेगा। सीएम योगी ने गुरूवार को अपने सरकारी आवास पर यमुना इण्टरनेशनल एयरपोर्ट प्रालि के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने नोएडा इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के ‘लोगो’ को सहमति दे दी है। यह ‘लोगो’ उत्तर प्रदेश के राज्य पक्षी सारस से प्रेरित है।

उन्होने कहा कि नोएडा में एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की स्थापना में ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल एजी ने जो रुचि दिखायी है, वह अत्यन्त सराहनीय है। प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश का एक नया माहौल तैयार किया है, जिसके कारण नोएडा क्षेत्र में फिल्म सिटी/फिनटेक सिटी सहित अनेक औद्योगिक इकाइयां आ रही हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा विश्व स्तरीय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित हो रहा है। आने वाले समय में नोएडा एक ब्रांड के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड कालखण्ड में भी विकास की सतत् प्रक्रिया को बनाए रखा है। राज्य सरकार सभी औद्योगिक अवस्थापना सम्बन्धी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा कर रही है। एविएशन सेक्टर आज के समय में बहुआयामी प्रगति का कारण है, इससे आर्थिक विकास में गुणोत्तर वृद्धि होती है, जो इस क्षेत्र में भी फलीभूत होगा। ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल एजी को राज्य सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

लोगो

इस अवसर पर ये वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

इस अवसर पर मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन एसपी गोयल तथा निदेशक नागरिक उड्डयन सुरेन्द्र सिंह सहित वाईआईएपीएल के सीईओ क्रिस्टोफ शेनेल्मेन, वाईआईएपीएल की सीओओ किरण जैन, वाईआईएपीएल के सुनील जोशी तथा यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ डाॅ अरुण वीर सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जेवर की स्थापना के लिये भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण

नोएडा इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जेवर की स्थापना के लिये आवश्यक 1334 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। नोएडा इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जेवर के लिए ग्लोबल ई-टेण्डर के माध्यम से सबसे अधिक प्रति पैसेन्जर दिए जाने के लिये प्रीमियम की बोली 400.97 रुपए लगाने वाली कम्पनी ‘ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल एजी’ को विकासकर्ता के रूप में चयनित किया गया है।

नोएडा इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट

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हाई स्पीड रेल का स्टेशन जेवर एयरपोर्ट के करीब होगा

हाई स्पीड रेल भारत सरकार की परियोजना है, जो दिल्ली को वाराणसी से जोड़ने के लिए प्रस्तावित है। इस परियोजना में प्रस्तावित स्टेशन दिल्ली, नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही व वाराणसी है। प्रस्तावित हाई स्पीड रेल की कुल लम्बाई 816 किमी है, जो औसतन 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाना प्रस्तावित है। हाई स्पीड रेल का स्टेशन, जो जेवर एयरपोर्ट के समीप स्थापित होना है,इसके सम्बन्ध में एनएचएसआरसीएल, एनआईएएल एवं ज्यूरिख एयरपोर्ट के साथ बैठक की गयी है तथा अन्य आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस कनेक्टिविटी के स्थापित होने से दिल्ली व प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से जेवर एयरपोर्ट के लिये आवागमन सुगम हो जाएगा।

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आवश्यक भूमि राज्य सरकार द्वारा क्रय की जाएगी

जेवर एयरपोर्ट को इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में राईटस द्वारा अध्ययन किया गया है। दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे हरियाणा के वल्लभगढ़ से गुजर रही है जो जेवर एयरपोर्ट तक जोड़ने के लिये प्रस्ताव विचाराधीन है। मार्ग के निर्माण के लिये उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा में आ रही 8.5 किमी सड़क के लिये आवश्यक भूमि राज्य सरकार द्वारा क्रय की जाएगी। इस मार्ग के निर्माण होने से जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली व इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी पूर्ण हो जाएगी।

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