अटल बिहारी बाजपेयी थे भारत के पहले साइबर प्रधानमंत्री-मनीष खेमका

नई दिल्ली, जाने-माने उद्यमी और समाजसेवी मनीष खेमका ने गुरुवार को कहा पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री थे। जिन्होंने अपने चुनाव प्रचार में पहली बार देश में इंटरनेट का इस्तेमाल किया था। मनीष खेमका ने कहा की वर्तमान में चुनाव प्रचार में फ़ेसबुक-ट्विटर जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल आम बात है।

देश के दिग्गज राजनेताओं से लेकर आम कार्यकर्ता तक इंटरनेट पर इसका उपयोग करते हैं, लेकिन 21 साल पहले जब इंटरनेट अपने शुरूआती दौर में था तब बाजपेयी ने लखनऊ में अपने चुनाव प्रचार के लिए पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल किया था।

उन्होंने कहा, “अब नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मैं इसका माध्यम बना यह मेरे लिए गौरव का विषय है।”जानेमाने उद्यमी एवं समाजसेवी ने इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड से भी वाजपेयी और मोदी से संबंधित इस उपलब्धि को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

खेमका ने कहा उस समय वाजपेयी तब के संसदीय चुनाव में अकेले ऐसे उम्मीदवार थे जिनका प्रचार न केवल वास्तविक बल्कि इंटरनेट के वर्चुअल माध्यम से भी किया गया था। उन्होंने कहा 27 जुलाई 1999 को उनके चुनाव प्रचार पर केंद्रित एक वेबसाईट वोट फ़ॉर अटलडॉटकॉम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के भाजपा मुख्यालय पर फ़िल्म अभिनेता विनोद खन्ना ने किया था। संयोग से चुनाव प्रचार के लिए लखनऊ आए मोदी भी तब राज्य भाजपा कार्यालय पर मौजूद थे।

लखनऊ के समाजसेवी ने 21 साल पहले की थी वेबसाइट की कल्पना

करदाताओं के हितों और सरकार के राजस्व से संबंधित नीतिगत विषयों पर काम करने वाले लखनऊ के समाजसेवी खेमका ने 21 साल पहले इस वेबसाइट की कल्पना और निर्माण किया था। जिसे तब जबरदस्त मीडिया कवरेज और सराहना मिली थी। नये विचारों वाले खेमका वर्तमान में अनेक प्रतिष्ठित ग़ैर सरकारी संस्थाओं से जुड़े हैं। वे ग्लोबल करदाता न्यास के संस्थापक और पीएचडी चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सह-अध्यक्ष भी हैं।

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गौरतलब है कि 115 वर्ष पहले स्थापित उद्योगपतियों की प्रतिनिधि संस्था पीएचडी चेंबर ने पिछले दिनों पीएम केयर्स फंड में 528 करोड़ रुपये का योगदान किया था। उत्तर प्रदेश में कौशल विकास की शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के सहमति ज्ञापन में खेमका की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ ही उत्तर प्रदेश में निवेश के लिये निवेशक सम्मेलन, डिफेंस एक्सपो और प्रवासी भारतीय दिवस जैसे अनेक कार्यक्रम व कार्यों में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है।

राजनीति में इंटरनेट के इस्तेमाल में अग्रणी रहे खेमका

राजनीति में सूचना प्रोद्योगिकी के रचनात्मक उपयोग में अग्रणी रहे मनीष खेमका ने बताया, “जिस दिन इस वेबसाइट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के भाजपा मुख्यालय पर प्रस्तावित था, संयोग से मोदी भी उस वक़्त वहाँ मौजूद थे। उनके प्रशंसक के नाते मैने वाजपेयी के चुनाव प्रभारी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पत्रिका राष्ट्रधर्म के तत्कालीन संपादक वीरेश्वर द्विवेदी से मोदी से इस वेबसाइट का उद्घाटन करवाने का अनुरोध किया था। कार्यक्रमों के सफल प्रबंधन में माहिर मोदी ने अपने अनुभव के अनुरूप तब अच्छे मीडिया कवरेज के लिए किसी चर्चित चेहरे या प्रदेश के किसी बडे नेता से इसे क्लिक करवाने की सलाह दी। फिर फ़िल्म अभिनेता विनोद खन्ना का नाम तय हुआ जो तुरंत ही वहाँ पहुँचे थे। मोदी का यह सुझाव सफल रहा और वेबसाईट लाँच की खबर सुर्खियों में रही।”

खेमका ने कहा वेबसाइट को मिली सराहना और समर्थन से उत्साहित हो कर तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सिंचाई, उच्च शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री ओम प्रकाश सिंह के लिए भी शिकायतों के समाधान के एक पोर्टल की कल्पना और निर्माण किया जिसका उद्घाटन सात नवंबर 2000 को ख़ुद सिंचाई मंत्री ने किया था। तब राज्य में किसी भी नेता की कोई वेबसाइट या इंटरनेट पर सक्रियता नहीं थी। इसके कारण देश की शीर्ष पत्र पत्रिकाओं ने सिंह को “उप्र के सर्वप्रथम साइबर नेता” की उपाधि से नवाज़ा था।

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