अंतिम यात्रा पर अटल, राजधानी के कई मार्ग बंद

नई दिल्ली। मृत्यु अटल है लेकिन अटल अमर है, रूह जिस्म का ठोर ठिकाना चलता रहता है जीना मरना खोना पाना चलता रहता है। हम सबके प्रेरनासोत्र और राजनीती के सबसे बड़े वक्ता और सबको लीडरशिपश सिखाने वाले अटल जी आप अटल है और अटल ही रहेंगे। कल शाम 5:05 पर अटल अटल जी का निधन हो गया था, पुरे देश में शोक की लहर फैली हुई है। वाजपेयी खराब स्वास्थ्य की वजह से करीब पिछले दो महीने से एम्स में भर्ती थे और कल शाम उन्होंने अपनी आखरी सांस ली।

अटल जी का शुक्रवार शाम 4 बजे नई दिल्ली के राष्ट्रीय स्मृति स्थल (विजय घाट, राज घाट) के पास अंतिम संस्कार होगा। उनकी अंतिम यात्रा दोपहर एक बजे बीजेपी मुख्यालय से शुरू होगी जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग, दिल्ली गेट, नेताजी सुभाष मार्ग, निषाद राज मार्ग और शांति वन चौक से गुजरते हुए राष्ट्रीय स्मृति स्थल पहुंचेगी।

अंतिम यात्रा में हजारों लोग पहुंचे
अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती हुई नजर आरही हैं। इस दौरान ट्रैफिक में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिए दिल्ली पुलिस ने कुछ रूट्स के ट्रैफिक को डायवर्ट किया है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की तरफ से एडवाइजरी जारी की है।

ये मार्ग रहेंगे बंद
इसके तहत कृष्‍णा मेमन मार्ग, सुनहरी बाग रोड, तुगलक रोड, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, क्‍लेरिज होटल से विंडसर प्‍लाजा के बीच जनपथ, मानसिंह रोड, शाहजहां रोड से तिलक मार्ग सी-हैक्‍सागन, आईपी मार्ग, डीडीयू मार्ग के रास्‍ते सुबह आठ बजे से बंद रहेंगे।

कई प्रमुख अंगों ने बंद कर दिया था काम करना
एम्स के चिकित्सकों के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी निमोनिया से पीड़ित थे और उनके कई प्रमुख अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने गुरुवार को वाजपेयी के निधन की घोषणा की। पूर्व प्रधानमंत्री को कई समस्याओं को लेकर 11 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

एक चिकित्सक ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘वह निमोनिया से पीड़ित थे और गुर्दा सहित उनके कई प्रमुख अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उन्हें अंतिम दिन ईसीएमओ सपोर्ट पर रखा गया था।’ वाजपेयी मधुमेह से पीड़ित थे और उनका केवल एक गुर्दा ही काम कर रहा था। वर्ष 2009 में उन्हें आघात लगा था जिससे उनकी संज्ञानात्मक क्षमताएं कमजोर हो गईं थीं।

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