अतुल त्यागी ने लिखा सत्तरह पेज का सुसाइड नोट, पुलिस रही छिपा

नयी दिल्ली:फरीदाबाद में गारमेंट एक्सपोर्टर अतुल त्यागी की आत्महत्या के बाद कई सारी बैटन का पता चलता है। अपनी आत्महत्या करने से पहले अतुल ने 17 पेज का सुसाइड नोट लिखा है। जिसके लास्ट वाले पेज पर अपने एक वकील दोस्त का भी जिक्र किया और उन्हें अपने बच्चो को सँभालने का सन्देश दिया है। आत्महत्या के मामले में कारोबारी की डायरी से कई राज खोलती है। हालांकि उस डायरी में क्या लिखा है, पुलिस उसे छिपाने में लगी है। इस डायरी को थाना कोतवाली पुलिस सुसाइड नोट बताकर कुछ भी बताने से इंकार कर रही है।

बताया जाता है कि अतुल त्यागी काफी हंसमुख स्वभाव का व्यक्ति था। सभी से काफी गर्मजोशी के साथ मिलता था। वह ऐसा करेगा किसी ने सोचा भी नहीं था। अतुल त्यागी की डायरी में 17 पेज का सुसाइड नोट पुलिस को मिला है। अंतिम पेज पर अतुल ने अपने मित्र को लिखा है कि वकील साहब मेरे भाई व बच्चों का ध्यान रखना। यह बताते हुए पाराशर भावुक हो गए।

सुसाइड नोट में इसके अलावा और क्या लिखा है तो उन्होंने जानकारी होने से इंकार किया। वहीं थाना कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है। सवाल यह है कि 17 पेज में अतुल ने ऐसा क्या लिखा कि पुलिस उसे छिपाने में लगी हुई है। होटल डिलाइट के मालिक सोनू भाटिया ने बताया कि अतुल त्यागी ने शाम करीब 5.30 बजे चेक इन किया था।

जांच के दौरान पुलिस ने कमरे से शराब की एक खाली बोतल भी बरामद की है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह शाम से ही वहां शराब पीने लगे थे। रात को 12.30 बजे के करीब अतुल त्यागी की अपनी पत्नी से बात हुई थी। उसके बाद उनका फोन नहीं उठा। पुलिस मान रही है कि पत्नी से बात होने के बाद उन्होंने अपने हाथ की नस कट ली होगी।

अतुल के भाई गौरव त्यागी ने बताया कि वर्ष 2016 में नोएडा स्थित उनकी फैक्ट्री में आग लग गई थी। उसमें पूरी फैक्ट्री जल गई थी। उससे उन्हें काफी नुकसान हुआ था। जैसे तैसे दोबारा फैक्ट्री खड़ी की गई, मगर कारोबार में लगातार घाटा हो रहा था। दो-तीन माह पहले ऋण के कारण बैंक ने उनके अकाउंट भी फ्रीज करवा दिए थे, जिसके बाद से परेशानी और ज्यादा बढ़ गई थी।

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