सिस्टम की पोल खोलता ट्रांसफार्मर खरीद में फर्जीवाडे का ऑडियो वायरल

आठ मिनट के इस ऑडियो में दो लोगों के बीच चल रही बातचीत में ट्रांसफार्मर खरीद के नाम पर हो रहे इस फर्जीवाडे का खुलासा किया जा रहा है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में झांसी में फर्जी तरीके से ट्रांसफार्मर की खरीद फरोख्त का खुलासा करने वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी की भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने की मुहिम को कुछ अधिकारी और कर्मचारी ठेकेदारों के साथ मिलकर किस तरह पलीता लगा रहे हैं इसका पता वायरल ऑडियो रिकॉडिंग में आसानी से लगाया जा सकता है।

लगभग आठ मिनट के इस ऑडियो में दो लोगों के बीच चल रही बातचीत में ट्रांसफार्मर खरीद के नाम पर हो रहे इस फर्जीवाडे का खुलासा किया जा रहा है। बातचीत में यहां तक बताया गया कि किस प्रकार फर्जी तरीके से शिकायत कराकर ठेकेदार, वर्कशॉप के कर्मचारी और अधिकारियों की मिली भगत से ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर वसूली करते हैं और विद्युत विभाग को चूना लगाने के साथ जन भावनाओं से भी खिलवाड़ करते हैं।

जनपद में अकसर शिकायत वाली जगह पर महीनों डीपी नहीं पहुंचने और कहीं शिकायत नहीं होने के बाद भी नया ट्रांसफार्मर लगा दिये जाने जैसी शिकायतें मिलती रहतीं हैं जबकि कई जगह शिकायत ही बाद में ली जाती है, ऑडियो सुनकर इस बात की पुष्टि हो जाती है। वायरल ऑडियो में दो लोग जो संभवतः ठेकेदार हैं, किसी गांव की डीपी(ट्रांसफार्मर) बदलने को लेकर बात करते सुनायी दे रहे हैं, उनकी बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि किसी ऐसे गांव की डीपी उनके द्वारा बदली जा रही थी जहां की शिकायत ही नहीं थी।

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लेन-देन का सिस्टम सैट होने पर आनन फानन उनकी शिकायत करवाकर दूसरे ही दिन उनकी डीपी बदलने का आश्वासन भी दिया गया। इस दौरान एक व्यक्ति द्वारा दूसरे को बताया गया कि उसके साथ गांव के लोगों ने विवाद कर लिया है और अब वहां की डीपी अभी नहीं पहुंचानी है। इस दौरान दूसरे व्यक्ति द्वारा यह भी कबूला जा रहा है कि उसका लेन देन का सिस्टम हो गया है और वह दूसरे वाले को आधे रुपए दे देगा। यही नहीं उसने अपनी वार्ता के दौरान यह भी स्वीकार किया है कि उसे तीन जगह ही रिश्वत या सिस्टम का रुपया देना होता है, उन तीन में से वार्ता कर रहे दो लोग शामिल हैं जबकि तीसरे हिस्से के बारे में वे झांसी वर्कशॉप की बात कर रहे हैं।

वार्ता में डीपी लगवाने के बदले दी जाने वाली रिश्वत का भी खुलासा किया गया है। यह अलग बात है कि उनके रेट मनमाने हैं। कहीं से 5 हजार,कहीं से 8 हजार तो कहीं से 12 हजार की बात बताई गई है। ऑडियो में यह भी बताया गया है कि दोनों को 6-6 वर्ष काम करते हुए हो गए हैं। एक व्यक्ति वंशी या बंटी कहकर किसी का नाम भी बता रहा है। साथ ही यह भी बता रहा है कि वहां से वह करीब 30 किमी की दूरी पर स्थित गांव बगौरा में था, वहां से भागकर विवाद निपटाने उसे आना पड़ा।

यह ऑडियो साफ करता है कि विद्युत विभाग पर अक्सर लगने वाले आरोप गलत नहीं हैं और सिस्टम के चलते डीपी की खरीद फरोख्त जोरों पर चल रही है। साथ ही जनता के साथ विभाग को भी लाखों का चूना लगाा जा रहा है। इस मामले में मुख्य अभियंता झांसी और अन्य अधिकारियों से बात करने का कई बार प्रयास किया गया किन्तु या तो उनके फोन नहीं उठे या फिर फोन काट दिए गए।

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