पंचांग 31 अगस्त 2018: जानिए शुक्रवार का शुभाशुभ मुहूर्त और राहुकाल!

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पंचांग 31 अगस्त 2018 के अनुसार आज का दिन कैसा रहेगा। कौन सा शुभ योग बन रहा है और क्या है राहुकाल। तिथि विशेष और शुभाशुभ मुहूर्त क्या है, जानिए आज के पंचांग में…

* पञ्चाङ्ग, शुक्रवार ३१ अगस्त २०१८*
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सूर्योदय: ०६:०२
सूर्यास्त: ०६:४०
चन्द्रोदय: २१:४५
चन्द्रास्त: १०:०१
अयन दक्षिणायन (उत्तरगोले)
ऋतु: शरद
शक सम्वत: १९४० (विलम्बी)
विक्रम सम्वत: २०७५ (विरोधकृत)
युगाब्द ५१२०
मास भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण
तिथि: पञ्चमी (२२:११ तक)
नक्षत्र: अश्विनी (२०:४७ तक)
योग: वृद्धि (१९:३३ तक)
प्रथम करण: कौलव
द्वितीय करण: तैतिल

*गोचर ग्रह*
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सूर्य सिंह
चंद्र मेष
मंगल मकर
बुध कर्क (मार्गी)
गुरु तुला
शुक्र तुला (२३:२९ से)
शनि धनु
राहु कर्क
केतु मकर

*शुभाशुभ मुहूर्त विचार*
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अभिजित मुहूर्त: ११:५१ – १२:४२
अमृत काल: १३:२१ – १५:००
होमाहुति: मंगल
अग्निवास: पृथ्वी
दिशा शूल: पश्चिम
नक्षत्र शूल:
चन्द्र वास: पूर्व
दुर्मुहूर्त: ०८:२८ – ०९:१९
राहुकाल: १०:४१ – १२:१६
राहु काल वास: दक्षिण-पूर्व
यमगण्ड: १५:२७ – १७:०२

*उदय-लग्न मुहूर्त*
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०५:५६ – ०७:१२ सिंह
०७:१२ – ०९:३० कन्या
०९:३० – ११:५० तुला
११:५० – १४:१० वृश्चिक
१४:१० – १६:१४ धनु
१६:१४ – १७:५५ मकर
१७:५५ – १९:२१ कुम्भ
१९:२१ – २०:४४ मीन
२०:४४ – २२:१८ मेष
२२:१८ – २४:१२ वृषभ
२४:१२ – २६:२७ मिथुन
२६:२७ – २८:४९ कर्क
२८:४९ – २९:५७ सिंह

*चौघड़िया विचार*
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॥दिन का चौघड़िया॥
१ – चर २ – लाभ
३ – अमृत ४ – काल
५ – शुभ ६ – रोग
७ – उद्वेग ८ – चर
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ – रोग २ – काल
३ – लाभ ४ – उद्वेग
५ – शुभ ६ – अमृत
७ – चर ८ – रोग
नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

*शुभ यात्रा दिशा*
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उत्तर-पूर्व (राई अथवा दही लस्सी का सेवन कर यात्रा करें)

*तिथि विशेष*
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सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से रात्रि २०:४५ तक आदि।

*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*
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आज २०:४७ तक जन्मे शिशुओ का नाम अश्विनी द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ चरण अनुसार (चे, चो, ला) तथा इसके बाद जन्मे शिशुओं का नाम भरणी प्रथम, द्वितीय चरण अनुसार क्रमशः (ली, लू) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है

अश्विनी के चारो चरण गंडमूल के अंतर्गत आते है इसके द्वितीय पद में जन्म होने से आराम तथा सुख के लिए उत्तम, तृतीय पद में उच्च पद तथा चतुर्थ पद में राज सम्मान मिलता है।

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