ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज सीन एबॉट ने कहा, ‘मुझे हारना पसंद नहीं है’

ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में शामिल किए गए तेज गेंदबाज सीन एबॉट ने कहा है कि उन्हें भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पदार्पण करने की उम्मीद है।

मेलबोर्न: ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में शामिल किए गए तेज गेंदबाज सीन एबॉट ने कहा है कि उन्हें भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पदार्पण करने की उम्मीद है। एबॉट ने ऑस्ट्रेलिया के लिए अब तक एक वनडे और चार टी-20 खेले हैं। उनका एकमात्र वनडे 2014 में शारजाह में पाकिस्तान के खिलाफ था जबकि आखिरी टी-20 पिछले साल नवम्बर में पाकिस्तान के खिलाफ पर्थ में था। वह इस साल सितम्बर में इंग्लैंड में सीमित ओवरों की सीरीज के लिए गयी ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा थे लेकिन उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। उन्होंने टीम के अंदर ही अभ्यास मैच खेले थे।

प्रदर्शन में सुधार आया

एबॉट का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम और सपोर्टिंग टीम के साथ उन्होंने क्वारंटीन में जो समय बिताया, उससे उन्हें बेहतर क्रिकेटर बनने में मदद मिली और शेफील्ड शील्ड में उनके प्रदर्शन में भी सुधार आया। इसी प्रदर्शन के कारण एबॉट को ऑस्ट्रेलिया की 17 सदस्यीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज इंग्लैंड में खेलने के बाद आईपीएल के लिए यूएई में आईपीएल के लिए गए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में शामिल नहीं थे और बाकी खिलाड़ियों के साथ स्वदेश लौटकर वह एडिलेड ओवल होटल में अन्य खिलाड़ियों के साथ 14 दिन के क्वारंटीन में रहे थे।

‘ऐसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ’

उन्होंने कहा कि इस दौरान की ट्रेनिंग स्तरीय थी और उन्हें ऐसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ था। यही कारण है कि सत्र की शुरुआत में ही उन्होंने शानदार गेंदबाजी किआ और शेफील्ड शील्ड के तीन मैचों में 17.92 के औसत से 17 विकेट हासिल किए। एबॉट ने कहा कि भारत के खिलाफ सीरीज में यदि उन्हें पदार्पण करने का मौका मिलता है तो उनके गेंदबाजी कौशल के आधार पर ही होगा। उन्होंने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सपाट विकेट पर 89 रन छह विकेट हासिल किए थे।

‘मुझे हारना पसंद नहीं’

टेस्ट मैचों में अपने पर्दापण का इंतजार कर रहे एबॉट ने कहा, ‘‘मुझे हारना पसंद नहीं है, इसलिए हर बार बड़ा स्कोर खड़ा करने में विफल हो जाने या शून्य पर ऑउट होने से निराशा होती है। नौवें या दसवें नबंर पर बल्लेबाजी के दौरान जब आपको नाइटवॉचमैन की भूमिका निभाने को कहा जाता रहा तो आपका हमेशा प्रयास पिच पर पहुंचते ही गेंदों पर प्रहार शुरू करना होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कुछ वर्षों पूर्व मैं न्यू साउथ वेल्स के लिए नाथन लियोन की जगह नाइटवाचमैन के तौर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरता था तब कभी नहीं सोचा था कि एक दिन सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करूंगा। मैंने अपनी बल्लेबाजी पर काम किया और धीरे-धीरे उसमें सुधार किया। मुझे ऊपरी क्रम में कुछ मौके मिले जिसमें मैंने रन बनाएं। मैं भाग्यशाली हूं कि उन्होंने मेरी बल्लेबाजी प्रतिभा को पहचाना और मुझे मौके दिए।’’

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