यूपी की गलियों से ये नौजवान पहुंचा इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल

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फिल्‍मकार अविनाश त्रिपाठी जयपुर के एमिटी यूनिवर्सिटी में फैकल्‍टी इंचार्ज मीडिया हैं।
फिल्‍मकार अविनाश त्रिपाठी जयपुर के एमिटी यूनिवर्सिटी में फैकल्‍टी इंचार्ज मीडिया हैं।

बस्‍ती। मां ने कहा था तुझे आईएएस अफसर बनते देखना चाहती हूं। मैंने उनसे कहा कि मेरी मंजिल कोई और है। लेकिन आपसे ये वादा रहा कि जो इज्‍जत और सम्‍मान एक अफसर की मां को मिलता है, वो आपको जरूर महसूस होगा।

ये किस्‍सा किसी फिल्‍म का नहीं। सच्‍ची कहानी है यूपी के बस्‍ती में जन्‍मे उस लड़के की, जो जवानी में गांव की गलियों से निकला। सपनों की नगरी मुंबई पहुंचा। और अब जल्‍द ही एक इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल की ज्‍यूरी में शामिल होने वाला है।

यह तमगा अविनाश त्रिपाठी को हासिल हुआ है। अविनाश देश के उस राज्‍य से ताल्‍लुक रखते हैं, जहां के लोगों का फिल्‍मी दुनिया से कम ही नाता है। बस्‍ती और फैजाबाद के बाद लखनऊ से पढ़ाई करने वाले अविनाश की काबिलियत उनका वह हुनर है, जो उन्‍हें हरफनमौला बना देता है।

अविनाश त्रिपाठी ने टूरिज़्म, वाइल्ड लाइफ, उर्दू शायरी , सामाजिक बुराई तथा आदिवासी संस्कृति पर लगभग 750 शॉर्ट फिल्म्स बनाई हैं। बेहद कम उम्र मे अपने करियर की शुरुआत करने वाले अविनाश त्रिपाठी ने अपनी शिक्षा के दौरान ही भारतीय जन नाट्य संघ से प्रोफेशनल थियटर करना शुरू कर दिया था। इप्टा के लिए बहुत से प्ले मे अभिनय और निर्देशन  के बाद अविनाश ने दूरदर्शन का रुख़ किया।

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दूरदर्शन पर न्यूज़ प्रोग्राम ‘दृष्टि’ बनाकर चर्चित हुए अविनाश ने पत्रकारिता मे अपना अलग स्थान बना लिया। रचनात्मक क्रिया मे ज़्यादा रुचि होने के कारण अविनाश का मन फिल्म्स, कविता, और दूसरे रचनात्मक कार्यो मे ज़्यादा लगता था।

जल्द ही अविनाश ने दूरदर्शन के लिए अलग अलग विषय पर डॉक्युमेंटरी का निर्माण और निर्देशन किया, जिसमें मशहूर शायर मजाज़ लखनवी और वाइल्ड लाइफ डॉक्युमेंटरी फिल्म थी। अपनी रचना धार्मिता को एक और आयाम देते हुए अविनाश ने इवेंट मॅनेज्मेंट कंपनी भी शुरू की और इसके तहत कई राज्य और रास्त्रीय स्तर के प्रोग्राम किए।

मुंबई मे अपनी प्रोडक्शन कंपनी के साथ काम करते अविनाश ने कई डॉक्युमेंटरी, कॉर्पोरेट फिल्म के साथ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर ‘अब बस’ नाम से शॉर्ट भी बनाई जो विभिन्न फिल्म फेस्टिवल मे चर्चा का विषय बनी।

अविनाश ने इंडो अमेरिकन  फिल्म साहिया मे जिम्मी लू स्टेमबार्ग के साथ भी काम किया। विभिन्न पत्र पत्रिकाओ मे रेग्युलर कॉलम लिखने वाले अविनाश की बहुत सी कविता और ग़ज़ल छप चुकी है  वो जल्द ही पुस्तक का रूप लेकर बाज़ार मे आने वाली है।

फिल्म, साहित्य, पत्रकारिता और थियटर के अनुभव और उपलब्धि को ध्यान मे रखते हुए राजस्थान इंटरनॅशनल फिल्म फेस्टिवल में अविनाश त्रिपाठी को ज्यूरी मे शामिल किया गया है। इस उपलब्धि को हासिल करने वाले वो नॉर्थ इंडिया के पहले फिल्म मेकर है। इस ज्यूरी में अमेरिका की मशहूर अभिनेत्री सेलिना डू, फ़्रांस की मेरीन बॉर्गो भी शामिल है।

इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल मे विश्व के 15 से अधिक देश से फिल्म सम्मिलित हो रही है। फिल्म फेस्टिवल के ब्रांड अम्बेसडर ओम पुरी है। इस बार का विषय सिनेमा- ग्राम बनाम विश्व ग्राम है।

अविनाश त्रिपाठी को उनके लंबे अनुभव के आधार पर फिल्म फेस्टिवल के सलाहकार मंडल मे भी शामिल किया गया है। सलाहकार मंडल मे भजन सम्राट अनूप जलोटा, ग्रैमी अवॉर्ड विजेता पंडित विश्वमोहन भट्ट जैसे विश्वईख्यात लोगो के साथ अविनाश मंच साझा करेंगे।

17 जनवरी से शुरू होने वाले इस फिल्म फेस्टिवल मे कई देश की फिल्म शामिल हो रही हैं। राजस्थान और नॉर्थ इंडिया मे होने वाले इस अनोखे फिल्म फेस्टिवल का साहित्य और फिल्म जगत मे जोर-शोर से इंतज़ार किया जा रहा है।

 

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