Bihar में बना गजब का नियम, CoronaVaccine नहीं तो सैलेरी नहीं

Bihar में कोरोना इतना बेकाबू हो चुका है कि प्रतिदिन लगभग 12 हजार से ज्यादा कोरोना से संक्रमित मरीज मिल रहें हैं।

पटना: देश के लगभग सभी राज्यों में कोरोना संक्रमण भयावह होता जा रहा है। बिहार में कोरोना इतना बेकाबू हो चुका है कि प्रतिदिन लगभग 12 हजार से ज्यादा कोरोना से संक्रमित मरीज मिल रहें हैं। बढ़ते मरीजों की संख्या को देखकर बिहार सरकार ने टीकाकरण का अभियान तेजी से चलाने का आदेश दिया है। बिहार में  मुफ्त में टिका लगाया जा रहा है। लेकिन अभी भी कुछ लोग टिका लगाने से कतरा रहें है।

बता दें कि गया और बेगूसराय जिले की तो वहां पर टिका लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। एक अफसर की चिट्ठी लिखी है, जिसकी चर्चा खूब हो रही है। कोरोना के टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए गया में अफसर ने कर्मचारियों की सैलेरी को हथियार बनाया है। गया और बेगूसराय कलेक्टर की तरफ से जारी चिट्ठी में कहा गया है कि अगर सैलरी चाहिए तो पहले कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने होंगे।

सैलरी चाहिए तो वैक्सीन के दोनों डोज लें

इतना ही नहीं, आदेश वाली चिट्ठी में साफ लिखा हुआ है कि अगर टीका लिया है तो इससे संबंधित साक्ष्य विभाग के सामने प्रस्तुत भी करने होंगे। तभी सैलेरी मिलेगी। गया कलेक्टर अभिषेक सिंह की तरफ से यह चिट्ठी 20 अप्रैल को जारी की गई है और इस चिट्ठी में लिखा है कि पहले ही बता दिया गया था कि मार्च की सैलरी चाहिए तो वैक्सीन के दोनों डोज लेने के प्रमाण पत्र विभाग के समक्ष पेश करने होंगे। वैक्सीनेशन के प्रमाण पत्र देने के बाद ही सरकारी कर्मियों की सैलरी जारी की जाएगी।

कलेक्टर की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि कुछ कर्मचारी वैक्सीन की एक ही डोज लेने के बाद ही सैलरी की निकासी कर रहे हैं और ऐसी जानकारी हमें मिली है। अगर ऐसा कर रहे हैं तो यह पूरी तरह से गलत है और आदेश का उल्लंघन है। कलेक्टर ने अपनी चिट्ठी में साफ कर दिया है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण पत्र जबतक कर्मचारी नहीं देंगे, तबतक उनकी मार्च महीने की सैलेरी नहीं दी जाएगी।

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