युद्ध पर विराम देने के लिए अजरबैजान ने रखी तीन शर्तें, आर्मेनिया ने किया इंकार

नई दिल्लीः पश्चिम एशियाई देश आर्मेनिया और अजरबैजान में 8 दिनों के बाद भी जंग रूकने का नाम नहीं ले रही है। जहां एक तरफ विवित क्षेत्र नागोरनो-काराबाख का एक बड़ा हिस्सा राख के ढ़ेर में तब्दील हो गया है, वहीं दूसरी तरफ अजरबैजान ने तीन शर्तों के तहत जंग रोकने का एलान किया है।

दरअसल दुनिया के कई देश आर्मेनिया और अजरबैजान में चल रहे इस संघर्ष को रोकने की जद्दोजहद में जुटे हैं। इसी बीच अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव ने तीन शर्तों पर युद्ध रोकने की बात कही है।

अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव ने कहा कि “अर्मेनियाई सेना ने उस इलाके पर कब्जा कर रखा है, जिसे वह 1990 के दशक में हार चुका है। अर्मेनिया जानबूझकर युद्ध भड़का रहा है। अगर अर्मेनियाई सेना तुरंत हमारे इलाके से पीछे हटती है और अपने किए पर माफी मांगती है तो हम युद्ध खत्म करने को तैयार हैं”।

अलीयेव ने कहा कि अर्मेनिया को अजरबैजान की क्षेत्रीय अखंडता को स्वीकारना होगा, यही युद्ध खत्म करने का एकमात्र तरीका है। अलीयेव के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू करने और अजरबैजान के प्रभाव वाले क्षेत्रों से अर्मेनियाई सेना को वापस भेजने के लिए दबाव बनाने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय नाकाम रहा है।

गोरतलब है कि 27 सिंतबर को नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र को लेकर दोनों देशों में युद्ध शुरू हुआ था। अर्मेनिया और अजरबैजान दोनों ही एक-दूसरे पर युद्ध को भड़काने का आरोप लगा रहे हैं. दोनों तरफ से नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। जिसक् कारण इस युद्ध में 2700 से ज्यादा सैनिकों और कई आम नागरिकों की डान चली गई है।

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