क्या होगा अज़रबैजानी-तुर्की-पाकिस्तानी joint training का भारत पर असर ?

बाकू : डिफेंस मिनिस्ट्री ने एक बयान जारी कर कहा की बाकू 13 सितंबर से अज़रबैजान, तुर्की और पाकिस्तानी विशेष बलों के थ्री ब्रदर्स – 2021 मिलिट्री प्रैक्टिस के joint training की मेजबानी करेगा।

इस joint training का मकसद अपनी आर्मी में तालमेल बैठना है, जंग करना नहीं : मिनिस्ट्री

मिनिस्ट्री के मुताबिक इस अभ्यास का उद्देश्य युद्ध अभियानों के दौरान मित्र और सहयोगी देशों की विशेष बलों की इकाइयों के बीच समन्वय में सुधार करना, शांतिकाल और युद्धकाल में संचालन की तैयारी करना, ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करना है। यह प्रैक्टिस 20 सितम्बर तक चलेगी। 2020 में आर्मेनिया के साथ 44-दिवसीय युद्ध के दौरान, तुर्की और पाकिस्तान अज़रबैजान के लिए राजनीतिक समर्थन देने वाले पहले देशों में से थे। उन्होंने कहा यह विदेशी खतरों का सामना करने के लिए सेनाओं के संयुक्त प्रयासों की पुष्टि करता है।

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इस कड़ी में जानकरों के मुताबिक अजरबैजान पाकिस्तान के साथ JF-17 थंडर मल्टीरोल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए बातचीत भी कर रहा है। अज़रबैजान और अर्मेनिआ के बीच हाल में हुई जंग में उम्दा लड़ाकू विमानों की खामी महसूस की गई थी।

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