जीत के लिए अंधविश्वास के जाल में फंसी बीजेपी, छत्तीसगढ़ विधानसभा ‘बांधने’ पहुंचे बाबा

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रायपुर। प्रदेश में चौथी विधानसभा के लिए नवम्बर 2018 में चुनाव संभावित हैं, लेकिन चौथी जीत की तैयारियों में जुटी भाजपा 13 महीने पहले ही चुनावी रंग में रंग गई। कर्नाटक के विधानसभा चुनावों की गहमागहमी खत्म हो गई। जिसके अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी को राज्य में बहुमत भी मिला था, लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस मे गठबंधन करके अपना सिक्का जमा लिया था। बीजेपी के गिरते ग्राफ को देखते हुए कहा जा रहा है कि अब पार्टी को वाकई चिंता सताने लगी है। इसे लिया बीजेपी तंत्र-मंत्र का साथ लेना समझा है। जीत के लिए अंधविश्वास के घेरे में घिरी बीजेपी तांत्रिका विघा का सहारा लेने लगी है।

छत्तीसगढ़ में बीजेपी को इस बार भी जीत मिले इसलिए इन दिनों एक बाबा की शरण ली जा रही है। इन बाबा के बारे में बताएं तो भगवाधारी वस्त्र, सिर पर जटा, माथे पर लाल रंग का विशाल टीका-भभूत और गले में ढेर सारी मालाएं (तकरीबन साढ़े 10 किलो वजनी) पहने इन बाबा को पामगढ़ के विधायक अंबेश जांगड़े मुलमुला से लेकर आए थे। बाबा का कहना है कि वह विधानसभा को तंत्र-मंत्र से बांधने के लिए पहुंचे हैं। साथ ही बाबा ने दावा भी किया है कि  उन्होंने अदृश्य शक्तियों से विस को बांधा। उन्होंने बताया, “अब मैं अमरनाथ जाकर जटा खोलूंगा।

कुछ ही समय में 90 सदस्यीय विधानसभी सीटों के चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए सभी पार्टियों की तरफ से चुनावी तैयारी तेज हो गई हैं। बता दें, इस समय वहां रमन सिंह की सरकार है और बाबा का कहना कि बीजेपी की जीत के तंत्र-मंत्र हर जोड़ से अपना जोर लगा रहे हैं।

एक बयान के मुताबिक बाबा ने कहा है कि “चौथी बार राज्य में बीजेपी की सरकार बने, मैंने इसे बांध दिया है। अमरनाथ में जाकर जटा खोलूंगा।” विस में घूमते और कथित तौर पर तंत्र मंत्र करने वाले इन बाबा के बारे में विधायक बृहस्पति सिंह ने स्पीकर गौरीशंकर अग्रवाल को बताया, जिस पर उनका जवाब था- “अरे, मैंने भी उन (बाबा) के साथ तस्वीर खिंचाई थी।” बाबा के बारे में जानकारी देते हुए बता दें कि इन बाबा का असली नाम राम लाल कश्यप है, वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के मंडलाध्यक्ष भी हैं।

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