काबुल में बुरे हालात, एक प्लेट चावल और बोतल का पानी का दाम सुनकर सुख जाएगा गला

काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान के आतंक के बाद से लोगो का जीना दुश्वार हो गया है। अब तो लोगो को खाने पीने की कीमत भी कई हजारों के दाम चुकाने पड़ रहे है।इस समय काबुल एयरपोर्ट के बाहर हजारों की संख्या में लोग जमा हुए हैं। ऐसा अनुमान है कि लगभग दस लाख लोग देश छोड़ना चाहते हैं। लेकिन बुधवार शाम तक 82,300 लोगों को ही निकाला गया। इनमें से ज्यादातर लोग विदेशी नागरिक थे या जिनके पास किसी दूसरे देश का वीजा था।

अफगानिस्तान के आम लोग नर्क जैसे हालात में एयरपोर्ट के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से कई लोगों ने आज एयरपोर्ट में घुसने के लिए एक गंदे नाले से गुजरने की कोशिश की। एयरपोर्ट के इस हिस्से में किसी का 10 मिनट भी खड़ा होना मुश्किल है, लेकिन ये लोग पिछले कई दिनों से वहीं खड़े हैं।

खाने-पीने की कीमत जानकर होंगे हैरान

बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास पानी या खाना खरीदने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। एयरपोर्ट के बाहर जो पानी मिलता है वह इतना महंगा है कि ज्यादातर लोग इसे खरीदने की सोच भी नहीं सकते। काबुल हवाईअड्डे के बाहर पानी की एक बोतल की कीमत 40 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 3,000 रुपये है, जबकि चावल की एक प्लेट के लिए लोगों को 100 अमेरिकी डॉलर यानी सात हजार रुपये से ज्यादा का भुगतान करना पड़ता है।

अमेरिकी मुद्रा वालो को मिलेगा भोजन

स्थिति को और खराब करने के लिए केवल उन्हीं लोगों को यह पानी और भोजन मिल सकता है जिनके पास अमेरिकी मुद्रा है। स्थिति वाकई विकट है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काबुल एयरपोर्ट के बाहर अब भी 50 हजार से ज्यादा लोग इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से यहां इतना भयानक ट्रैफिक जाम है कि एयरपोर्ट तक पहुंचना नामुमकिन है।

कोरोना से ज्यादा तालिबान के डर

बड़ी संख्या में लोग रनवे पर जमा हो गए हैं जो किसी भी तरह से अफगानिस्तान से बाहर निकलना चाहते थे। ये लोग भाग्यशाली लोगों में शामिल थे जिन्हें एयरपोर्ट के अंदर जाने की इजाजत थी। एयरपोर्ट के बाहर हालात और भी बुरे हैं जहां हजारों लोग अंदर जाने का इंतजार कर रहे हैं। एयरपोर्ट की दीवार के एक तरफ जहां उम्मीद और खुशी है, वहीं दूसरी तरफ लाचारी और दुख है। इस भारी भीड़ में किसी को भी कोरोना वायरस के संक्रमण से ज्यादा तालिबान का ही डर है।

 

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