Banaras Hindu University देश का ऐसा पहला विश्वविद्यालय बनने जा रहा है जो हिन्दू धर्म का अध्ययन कराएगा

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बीएचयू ने अब हिन्दू धर्म को अकादमिक स्वरूप देने की तैयारी कर ली है। कला संकाय के भारत अध्ययन केंद्र ने 2 साल के एक कोर्स की शुरुआत इस सत्र से की है, जिसमें हिन्दू धर्म और जीवन शैली के बारे में पढ़ाया जाएगा

उत्तर प्रदेश:  उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बीएचयू ने अब हिन्दू धर्म को अकादमिक स्वरूप देने की तैयारी कर ली है। कला संकाय के भारत अध्ययन केंद्र ने 2 साल के एक कोर्स की शुरुआत इस सत्र से की है, जिसमें हिन्दू धर्म और जीवन शैली के बारे में पढ़ाया जाएगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय देश में ऐसा पहला विश्वविद्यालय बनने जा रहा है जो हिन्दू धर्म का अध्ययन कराएगा। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ तथ्यों को सिलेबस में जगह दी जाएगी।

जानिए किन ग्रंथों पर आधारित होगा विषये

इस विषय का आधार दो ग्रंथों पर आधारित होगा। एक महर्षि वाल्मीकि का रामायण और महर्षि वेदव्यास का महाभारत। इस विषय को लाने का आशयछात्रों का परिचय धर्म के आधार पर भारतीयता से कराने का है

 

वैज्ञानिक और तकनीकी आधारित पर होगी पढ़ाई

इस कोर्स का प्रारूप तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि हिन्दू धर्म से सम्बंधित तथ्यों को रखने से पहले प्राचीन धर्म शास्त्र , ग्रंथ की तथ्यात्मक जानकारी पुख्ता की गई है। इसमें प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति विभाग, सनातन काल के महान हिन्दू सम्राटों और उनके द्वारा इस्तेमाल किए स्थापत्य कला, युद्ध शैली, व्यापरिक गतिविधि से लेकर हर सामाजिक पहलू से छात्रों का परिचय कराया जाएगा। इसके अलावा धार्मिक श्लोकों और मंत्रों का व्यवहारिक पक्ष को भी इसमें जगह दी गई है।

 

रामायण-महाभारत के साथ युद्ध कौशल और कई कलाएं सीखेंगे छात्र

भारत अध्ययन केंद्र वैदिक काल के व्यावहारिक विज्ञान और जीवन रहस्य को सामने लाएगा। इसमें तत्व विज्ञान (पांच तत्व से धरती का निर्माण), प्राचीन युद्ध कौशल, हिंदू केमिस्ट्री, सैन्य विज्ञान, कला, शास्त्रीय संगीत और नाटक की विधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही रामायण, महाभारत, वेद, वेदांत, वेदांग, ज्ञान मीमांसा, भाषा विज्ञान, कालिदास, तुलसीदास, आर्य समाज, बुद्ध, जैन और स्वामी विवेकानंद के स्थापित जीवन सिद्धांतों और नियमों के अनुकूल छात्रों को शिक्षा दी जाएगी।

 

जानिए प्रवेश परीक्षा और चयन होने की विधि

प्रो. सदाशिव ने बताया कि इस बार बीएचयू में प्रवेश परीक्षाओं के लिए यह विषय चयनित कर लिया गया है। 7 सितम्बर तक छात्र इसमें आवेदन कर सकते हैं। पहले बैच के लिए 40 छात्रों का चयन किया जाएगा। प्रवेश परीक्षा 3 अक्टूबर को होगी। प्रवेश परीक्षा में हिन्दू धर्म और शास्त्र से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। किसी भी विषय से स्नातक में कम से कम 50 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र ही इस प्रवेश परीक्षा में बैठ सकते हैं।

 

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