बिहार में बंद का रहा मिला-जुला असर, सड़कों पर किसान कम, विपक्षी कार्यकर्ता दिखे अधिक

इस दौरान पटना के डाकबंगला चौराहे से शुरू हुआ प्रदर्शन राजधानी के आस-पास के क्षेत्र में भी फैल गया। पटना की सड़कों पर महाजाम की स्थिति देखी गई।

पटना: कृषि कानूनों के विरोध में कृषक संगठनों के आह्वान पर मंगलवार को एक दिवसीय भारत बंद के दौरान बिहार को बंद कराने के लिए सड़कों पर किसान बहुत कम दिखे वहीं विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रियता से ठप पड़ी रेल सेवा, सड़क परिवहन एवं प्रतिष्ठान दोपहर बाद सामान्य होते चले गए।

बंद को सफल बनाने के लिए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी (जाप) के कार्यकर्ता सुबह-सुबह सड़क पर उतर आए लेकिन कृषक संगठन के बैनर तले किसानों की उपस्थिति नगण्य रही। विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में जगह-जगह सड़कों पर जाम लगाया, ट्रेनें रोकी तो कई जगह उग्र प्रदर्शन भी हुए।

इस दौरान पटना के डाकबंगला चौराहे से शुरू हुआ प्रदर्शन राजधानी के आस-पास के क्षेत्र में भी फैल गया। पटना की सड़कों पर महाजाम की स्थिति देखी गई। डाक बंगला चौराहा के यातायात पोस्ट पर बंद समर्थक जमा हो गए और प्रदर्शन किया। बाद में उन्हें पोस्ट से हटाने के दौरान पुलिस और बंद समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ तब जाकर समर्थकों ने पोस्ट को खाली किया। दोपहर बाद पटना समेत पूरे राज्य में ट्रेन और सड़क यातायात सामान्य हो गया। वहीं, बंद रही दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी खुल गए।

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