धार्म‍िक स्‍थल को लेकर मचा बवाल, प्रशासन की कार्रवाई से भड़की आग

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बाराबंकी (Barabanki) में रामसनेहीघाट तहसील परिसर में शुक्रवार की रात को धार्मिक स्थल को लेकर बड़ा बवाल हो गया। जहां पर ये बवाल हुआ वहां पर एसडीएम आवास है, उसी के पास बने धार्मिक स्थल को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव और तोड़फोड़ होना शुरू हो गया। विवादित स्थल पर जाने से रोकने पर अराजकतत्वों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। इस हमले में चार सिपाही समेत एक दरोगा भी घायल हो गए। बड़े बवाल की सूचना मिलते ही एसपी बाराबंकी (SP Barabanki) यमुना प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर हालात को काबू में करके अराजकतत्वों को हिरासत में लिया।

पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी में सड़क किनारे पर अतिक्रमण कर बने हुए धार्मिक स्थलों की सूची शासन को भेज दी और जिला प्रशासन ने एक मजार को सड़क से हटा दिया था। मजार को हटाने के संबंध में जब नोटिस जारी की गई थी तब ही से माहौल गर्म था। इसको लेकर किसान नेता आशु चौधरी ने वहां के एसडीएम रामसनेहीघाट से फोन पर पैरवी भी की थी लेकिन उल्टा एसडीएम ने उन्हें जमकर फटकार लगाई जिसका ऑडियो वायरल हो गया है। एसडीएम ने फोन करने का कारण पूछा तो आशु चौधरी ने कहा कि मजार के सबंध में किया है ये सुनते ही एसडीएम भड़क उठे। इसके आगे उन्होंने नेतागिरी न करो किसान की समस्या से जुडी कोई बात हो तो बताओ।

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कई पुलिसकर्मी हुए घायल

रामसनेहीघाट तहसील कार्यालय परिसर के पास शुक्रवार की रात करीब साढ़े 7 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा विवादित स्थल पर आने-जाने से रोकने पर समुदाय विशेष के लोगों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर पथराव किया। जिसमें दरोगा सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। अराजकतत्वों ने पुलिस की बाइकें भी टॉफी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम की भारी फोर्स ने कुछ उपद्रवियों को चुनकर जमकर धुनाई की और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। मौके पर ईंट-पत्थर पूरी तरह बिखरे पड़े हैं। आसपास के थानों की फोर्स बुलाई गई और घटनास्थल पर आला अधिकारी पहुंच गए हैं।

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