इस कहानी पर बेस्ड है कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म ‘चिकन करी लॉ’

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मुंबई: निर्देशक शेखर सिरिन का कहना है कि ‘चिकन करी लॉ’ एक विदेशी महिला को न्याय दिलाने की कहानी है। यह कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म है। इसमें माया नाम की एक विदेशी महिला के साथ शहर के उच्चतम वर्ग के कुछ लोग दुष्कर्म करते हैं। दुष्कर्म के बाद पीड़िता को अर्धनग्न हालत में सड़क पर छोड़ देते हैं। कोर्ट रूम में सवालों और जवाबों के बीच उस पर वेश्या होने का आरोप लगाया जाता है।

इसके बाद ‘माया’ के संघर्ष के साथ-साथ उसके शारीरिक और मानसिक दर्द से गुजरने को निर्देशक शेखर सिरिन ने इस फिल्म के जरिए दिखाने की बखूबी कोशिश की है। सूत्रों से पता चला है कि इस फिल्म का चर्मोत्कर्ष हमारी सोच से बिलकुल परे है।

इस फिल्म में काम कर रहे अभिनेता आशुतोष कहते हैं, “‘चिकन करी लॉ’ एक मुद्दे पर आधारित फिल्म है। जैसा हम जानते हैं कि हमारे देश में अतिथियों को देवता समझा जाता है लेकिन विदेशी अतिथि के साथ हमारे देश में दुष्कर्म होता है। यह फिल्म उन तमाम चीजों को अपने तरीके से हैंडल करते हुए दिखाई गई है।”

निर्देशक शेखर सिरिन फिल्म ‘चिकन करी लॉ’ पर टिपण्णी करते हुए कहते हैं, “मैंने इस फिल्म के जरिए यह दिखाने की कोशिश की है कि जो भी अतिथि हमारे देश में आते हैं हम उन्हें ढेर सारा प्यार दें और उनके साथ अच्छा व्यव्हार करें। मुझे उम्मीद है कि आज की पीढ़ी को यह फिल्म बेहद पसंद आएगी।”

इस फिल्म में नतालिया जनोस्जेक, निवेदिता भट्टाचार्य, आशुतोष राणा, मकरंद देशपांडे, जाकिर हुसैन और अमन वर्मा मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे।

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