अस्थमा के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है तेजपत्ता, जानें इसके बारे में

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तेजपत्ता का इस्तेमाल ज्यादातर घरों में किया जाता है। कम लोग ही जानते होंगे कि मसाले की तरह प्रयोग होने वाली इन पत्तियों से दवाइयां भी बनती हैं। तेजपत्ते में एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। कई तरह के लवण जैसे कॉपर, कैल्शियम, सेलेनियम और आयरन पाया जाता है। इसका पेड़ 50 फुट तक ऊंचा होता है और इस पर पीले रंग के फूल लगते हैं। आइए जानते है कि कैसे तेजपत्ता खाने के स्वाद बढ़ाने के साथ एक फायदेमंद मसाला हैं।

दांतों की मजबूती:  हफ्ते में तीन दिन तेजपत्ता के बारीक चूर्ण से ब्रुश करने से दांत मजबूत बनते हैं। इससे उनमें कीड़े और ठंडा-गरम पानी नहीं लगता है। इतना ही नहीं, दांत मोतियों की तरह चमकने भी लगते हैं।

कपडों के बीच में रखें: ऊनी, सूती और रेशमी कपड़ों में तेजपत्ता रखने से कपड़ों को नुकसान नहीं पहुंचता है। इसी तरह अनाजों के बीच में 5-7 पत्ते डालने से कीड़े नहीं लगते हैं, बल्कि एक सुंगध भी आने लगती है।

दुर्गंध को दूर करने में सहायक:  किसी भी तरह के दुर्गंध आने की समस्या में तेजपत्ते का प्रयोग करना चाहिए। तेजपत्ता का चूर्ण पैर के तलवों में लगाकर मोजे पहनने चाहिए। अगर मुंह से दुर्गंध आने की समस्या हो तो इसका पत्ता चबाना चाहिए।

अस्थमा में  मददगार : तेजपत्ता अदरक और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीस लीजिए। इसके बाद इसे रोज एक चम्मच खाएं। कुछ ही दिनों में असर दिखना शुरू हो जाएगा।

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