NEP से चार साल का हो जायेगा बीएड

नई दिल्ली :  NEP के तहत सरकार ने चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किया है। जिसके बाद अब, बीएड कोर्स को इंटीग्रेटेड किया जाएगा और यह चार साल का होगा। इसका मतलब यह कि चार साल की बीएड डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को बीए और बीएड या बीएससी और बीएड या बीकॉम और बीएड की डिग्री एक साथ मिलेगी।

रमेश पोखरियाल निशंक ने की थी NEP की घोषणा

आमतौर पर, इन दो डिग्रियों को पूरा करने में छात्रों को पांच साल लगते हैं। इंटीग्रेटेड डिग्री में दोनों डिग्री मिलेंगी और साथ ही छात्रों का एक साल भी बचेगा।  जैसा कि शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषा में टीचिंग, स्कूली बच्चों को कोडिंग सिखाने सहित कोर्स में कई बदलाव शामिल हैं, तो यह नई डिग्री शिक्षकों को इस के हिसाब से तैयार करेगी और यह एक नया करिकुलम होगा।

सरकार का मकसद चार साल के इंटीग्रेटेड बीएड को 2030 तक टीचिंग के लिए जरूरी न्यूनतम डिग्री बनाना है। इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के जरिए एडमिशन दिया जाएगा। यह कोर्स मल्टी-डिसिप्लिनरी संस्थानों की तरफ से कराया जाएगा और स्कूली शिक्षकों के लिए न्यूनतम डिग्री योग्यता बन जाएगा।

इस कड़ी में एजुकेशन मिनिस्ट्री के मुताबिक “कोर्स पूरे टीचर्स एजुकेशन सेक्टर के पुनरोद्धार में अहम योगदान देगा। भारतीय मूल्यों और परंपराओं के आधार पर मल्टी-डिसिप्लिनरी वातावरण के जरिए इस कोर्स से गुजरने वाले भावी शिक्षकों को वैश्विक मानकों पर 21वीं सदी की जरूरतों के साथ तैयार किया जाएगा और इसलिए यह नए भारत के भविष्य को आकार देने में काफी हद तक मददगार होंगे।”

हालांकि, एक और दो साल के बीएड ऑप्शन भी उपलब्ध होंगे। दो साल का बीएड बैचलर डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों के लिए होगा और एक साल का बीएड प्रोग्राम केवल उन लोगों के लिए होगा, जिन्होंने चार साल के मल्टी-डिसिप्लिनरी स्नातक की डिग्री के बराबर कोई डिग्री पूरी की होगी या जिन्होंने मास्टर डिग्री ली है।

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