गुरमीत राम रहीम पर फैसले से पहले सरकार ने की पूरी तैयारी, हाई अलर्ट जारी

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चंड़ीगढ़। यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर शुक्रवार को फैसला आना है। फैसले से पहले ही हरयाणा और पंजाब का माहौल खराब हो गया है। फैसले पर हिंसा होने की आशंका है। खबर है कि राम रहीम के समर्थक फैसले के खिलाफ हिंसा कर सकते हैं। इसके मद्देनजर हरियाणा और पंजाब हाई अलर्ट पर हैं।

गुरमीत राम रहीम

हरियाणा रोडवेज ने चंडीगढ़ और पंचकूला के लिए बसें चलानी बंद कर दी हैं

सरकार हालात के अनुसार मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध के जरिये सोशल मीडिया को भी प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है। गुरमीत राम रहीम के लगभग दो लाख अनुयायी पहले ही पंचकूला और दोनों राज्यों एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में पहुंच गए है। गुरमीत के और अनुयायियों को पंचकूला पहुंचने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। हरियाणा रोडवेज ने चंडीगढ़ और पंचकूला के लिए बसें चलानी बंद कर दी हैं।

25 अगस्त तक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहने की सलाह दी है

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, चंडीगढ़ से 45 किलोमीटर दूर अंबाला शहर में किसी भी सरकारी, निजी और अन्य वाहन को जाने की अनुमति नहीं है। हरियाणा के मुंख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सभी मंत्रियों और विधायकों से फैसले के दिन यानी 25 अगस्त तक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहने की सलाह दी है। हरियाणा के एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया, खट्टर ने सभी पार्टियों के विधायकों से अपने निर्वाचन क्षेत्रों में डेरा पंथ के अनुयायियों से मिलने और गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ फैसला आने की स्थिति में हिंसा नहीं करने और शांति बनाए रखने के लिए समझाने के निर्देश जारी किए हैं।

2002 में डेरा मुखी की एक महिला ने लगाया था रेप का आरोप

बता दें साल 2002 में डेरा मुखी की एक महिला समर्थक ने उस वक्त के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब-हरियाणा कोर्ट के जजों को खत लिखकर बाबा पर रेप का आरोप लगाया था। अदालत ने तब CBI जांच के आदेश दिए थे जिसके बाद 2007 में CBI ने डेरा मुखी पर रेप और आपराधिक ज़ोर-ज़बरदस्ती के आरोप लगाए। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से लोगों पर नज़र रखी जा रही है। हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जा रही है। पंजाब, हरियाणा के अलावा हिमाचल प्रदेश और यूपी की सीमा को भी सील कर दिया गया है।

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