BHAGAT SINGH JAYANTI 2021: इंकलाब जिन्दाबाद का नारा लगाने वाले शहीद भगत सिंह से जुड़ी कुछ ख़ास बातें  

नई दिल्ली: सबसे महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों में से एक, भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था। उनका जन्म लायलपुर, पश्चिमी पंजाब, भारत (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। भगत सिंह की मृत्यु 23 वर्ष की आयु में हुई जब उन्हें ब्रिटिश सरकार ने फांसी पर चढ़ा दिया। भगत सिंह के साथ उनके साथियों राजगुरु और सुखदेव को भी फांसी दे दी गई थी। बता दें, फांसी देने का दिन 24 मार्च को तय किया गया था, लेकिन फांसी एक दिन पहले (23 मार्च 1931) ही दी गई थी।

23 मार्च 1931 को चोरी से दी गई थी फांसी

भगत सिंह बहुत कम उम्र में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा बन गए थे। भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रतिरोध के विभिन्न कृत्यों में भाग लेने के अलावा, उन्होंने पंजाबी और उर्दू भाषा के समाचार पत्रों के लिए एक लेखक और संपादक के रूप में भी योगदान दिया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनके क्रांतिकारी विचार बेहद लोकप्रिय हो रहे थे, जिसे साम्राज्य द्वारा एक खतरे के रूप में देखा जा रहा था।

आखिरकार, अंग्रेजों ने उन्हें उनके साथी क्रांतिकारियों, राजगुरु और सुखदेव के साथ मौत की सजा सुनाई, और उनके शरीर को गुप्त रूप से ठिकाने लगा दिया। साम्राज्य के इस कदम ने इन युवा स्वतंत्रता सेनानियों को और भी लोकप्रिय बना दिया और उनके नाम अमर हो गए। उन्हें ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जेपी सॉन्डर्स की हत्या के लिए फांसी दी गई थी। इस साल भारत उनकी 114वीं जयंती मना रहा है।

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