चिदंबरम ने बताया अनुच्छेद 370 हटाना असंवैधानिक, भाजपा बोली बोल रहे पाकिस्तानी बोली

पी चिदंबरम

भोपाल: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कोंग्रेस नेता पी. चिदंबरम के जम्मू कश्मीर से जुड़े मुद्दे पर किये गए ट्ववीट के बाद मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस के नेतृत्व से मांग की है कि उन्हें इस संबंध में अपना मत स्पष्ट करना चाहिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पी. चिदंबरम के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुआ कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। शिवराज सिंह ने कहा कांग्रेस नेता पि.चिदंबरम के बयान से उस पार्टी का ‘हिडन एजेंडा’ सामने आ गया है। कांग्रेस नेता का इस तरह का बयान चीन और पाकिस्तान की भाषा की तरह है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस पर शर्म आना चाहिए।

पूरे देश ने किया अनुच्छेद 370 हटने का स्वागत :शिवराज सिंह

शिवराज सिंह ने एक बयान के जरिए कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने का स्वागत पूरे देश ने किया था। देश में वर्षों का सपना साकार हुआ था। लेकिन कांग्रेस नेता की इस तरह की हरकत से अलगाववादियों को बल मिला है। चौहान ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसके साथ है। देश की जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी इस मसले पर ट्वीट किया, जिसमे उन्होंने लिखा कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करने के बारे में पी. चिदंबरम के बयान पर अपनी राय साफतौर पर जाहिर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस अलगाववादियों के साथ है या देशभक्तों के साथ।

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 16 अक्टूबर को किये गए अपने ट्वीट में लिखा है कि कांग्रेस जम्मू कश्मीर के लोगों की स्थिति और अधिकारों की बहाली के लिए दृढ़ है। मोदी सरकार द्वारा 05 अगस्त 2019 काे लिए गए मनमाने और असंवैधानिक फैसलों को रद्द किया जाना चाहिए।

अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार को जम्मू कश्मीर की मुख्यधारा के दलों और लोगों को अलगाववादी या राष्ट्रविरोधी के रूप में देखना बंद करना चाहिए।

संवैधानिक लड़ाई लड़ने के लिए आना होगा एक साथ

इन दोनों ट्वीट के अलावा एक ट्वीट उन्हों ने और किया जिसमे उन्होने लिखा,जम्मू-कश्मीर की मुख्यधारा की क्षेत्रीय पार्टियों का जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों के अधिकारों को बहाल करने के लिए संवैधानिक लड़ाई लड़ने के लिए एक साथ आना एक ऐसा विकास है जिसका भारत के सभी लोगों द्वारा स्वागत किया जाना चाहिए।

मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा उपचुनावों के लिए प्रमुख दलों की तैयारियों के बीच भाजपा के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए बयान पी. चिदंबरम को लेकर बयान दिए हैं।

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