Bhedaghat: यूनेस्को सूची में शामिल है यह धुंआधार जलप्रपात, जिसकी प्राकृतिक सुंदरता आपका मन मोह लेगी

भेड़ाघाट, मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर जिले में स्थित है, यहां नर्मदा की धारा 50 फुट ऊपर से गिरती है। जिसका जल सफेद धुंए के समान उड़ने लगता है

जबलपुर: भेड़ाघाट (Bhedaghat) मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर (Jabalpur) जिले में स्थित एक नगर है। यह जिला जबलपुर  से लगभग 20 किमी दूर नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ है। यह एक पर्यटक स्थल है और यहां के धुआंधार जलप्रपात, नर्मदा नदी के साथ स्थित संगमरमर की चट्टानें और चौसठ योगिनी मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। संगरमर की ये चट्टानें, चांद की रोशनी में भेड़ाघाट की सैर एक अलग ही तरह का अनुभव रहता है।

यहां नर्मदा की धारा 50 फुट ऊपर से गिरती है। जिसका जल सफेद धुंए के समान उड़ने लगता है। इसी कारण इसे ‘धुंआधार’ जलप्रपात भी कहते हैं। धुंआधार जलप्रपात (Foggy waterfall) को यूनेस्को द्वारा 20 मई 2021 को विश्व धरोहर के रूप में सम्मिलित किया गया।

प्रसिद्ध संगमरमर की चट्टान

धुआंधार जलप्रपात जबलपुर (Jabalpur) ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) का एक महत्मपूर्ण पर्यटन स्थल है। 10 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाले इस प्रपात की छटा अनुपम है। इसकी उत्पत्ति नर्मदा नदी (Narmada River) से होती है। यह प्रपात प्रसिद्ध संगमरमर की चट्टानों से निकलता है। प्रपात जब बड़ी धारा के साथ गिरती है तो पानी के गिरने की आवाज काफी दूर से सुनाई देती है।

इस प्रपात के गिरने से उस स्थान पर कुहासा या धुंआ सा बन जाता है। इसलिए इसे धुआंधार जलप्रपात कहा जाता है। सुंदरता के लिहाज से धुआंधार जलप्रपात एक असाधारण स्थल है, जिससे पूरे साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। यह जगह अपने दोस्तों और परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए भी काफी आदर्श है। जलप्रपात के सामने काफी बड़ा खुला स्थान है।

भेड़ाघाट की खासियत

धुआंधार जलप्रपात भेड़ाघाट के निकट एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। नर्मदा नदी के दोनों तटों पर संगमरमर की सौ फुट तक ऊंची चट्टानें भेड़ाघाट की खासियत हैं। यह पर्यटन स्थल भी जबलपुर से महज 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जबलपुर से भेड़ाघाट के लिए बस(मेट्रो), टेम्पो और टैक्सी भी उपलब्ध रहती है।

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