BHU करेगा गंगा जल से कोरोना का इलाज़, जल्द शुरू होगा परिक्षण

BHU करेगा गंगा जल से कोरोना का इलाज़, जल्द शुरू होगा परिक्षण

वाराणसी: अमेरिका के जर्नल में गंगा जल से कोरोना के इलाज की संभावनाएं दिखाने वाले लेख के साथ अब कोरोना के प्रभाव को कम करने की कवायद में BHU भी जुट गया है। BHU में गंगा जल से कोरोना वायरस के इलाज का परीक्षण अगले सप्ताह शुरू होने की पूरी उम्मीद है। गंगाजल को लेकर अब तक कई रिसर्च रिपोर्ट्स आ चुकी हैं। अब एक नई रिसर्च रिपोर्ट में दावा है कि गंगा जल के नियमित प्रयोग से कोरोना के 90 प्रतिशत तक के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

अमेरिका के इंटरनेशनल जर्नल ऑफ माइक्रोबायोलॉजी में छपे लेख में बताया गया कि आईएमएस की टीम ने रविवार को पंचगंगा घाट पर कोरोना जांच के लिए 49 लोगों का सैंपल लिया था। इसमें 48 की रिपोर्ट नेगटिव और 1 की पॉजिटिव आयी थी। इससे 4 दिन पहले गंगा के भदैनी, तुलसीघाट, हरिश्चंद्र घाट और चेतसिंह घाट पर 54 लोगों के सैंपल लिए गए थे जिसमे सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आयी थी।

90 प्रतिशत लोगों में कोरोना का कोई असर नहीं –

रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया कि गंगाजल से स्नान करने वाले 90 प्रतिशत लोगों पर कोना संक्रमण का कोई असर नहीं है। इसको लेकर BHU की टीम ने भी बाकायदा रिसर्च की जिसमे न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रामेश्वर चौरसिया, न्यूरोलाजिस्ट प्रो. वीएन मिश्रा के निर्देशन में टीम ने रिसर्च की है। कोरोना मरीजों की फेज थेरेपी के लिए गंगाजल का नेजल स्प्रे भी तैयार करा लिया गया है। इसको एथिकल कमिटी को भेज दिया गया हैं। स्प्रे का मूल्य 20-30 रुपये है और क्लिनिकल ट्रायल में इसका उपयोग किया जाएगा। प्रो. भट्टाचार्या की अध्यक्षता वाली 12 सदस्यीय इथिकल कमेटी इसपर सहमति प्रदान करती है तो इसका मानव परीक्षण शुरू किया जायेगा। प्रो. मिश्रा ने बताया कि कमेटी से सहमति के बाद 250 लोगों पर इसका मानव परिक्षण शुरू किया जाएगा।

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परिक्षण सफल रहा तो दुनिया में सबसे सस्ता होगा इलाज –

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर विजय नाथ मिश्रा ने बताया पहला मौका है जब अमेरिका के इंटरनेशनल जर्नल ऑफ माइक्रोबायोलॉजी में गंगा जल से किसी बीमारी के ठीक होने की रिसर्च प्रकाशित हुयी है। अगले हफ्ते 250 लोगों पर गंगा जल से बने उत्पादों का परीक्षण शुरू होगा अगर ये सफल रहा तो कोरोना वायरस का दुनिया में सबसे सस्ता इलाज होगा।

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