इंदौर लोकसभा सीट पर सुमित्रा महाजन के विकल्प पर मंथन, जानिए क्यूँ

भोपाल: इंदौर में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन यानी ‘ताई” का विकल्प कौन बनेगा, भाजपा में महाजन के उत्तराधिकारी को लेकर मंथन का दौर जारी है। महापौर मालिनी गौड़ का नाम आगे आने के बाद पार्टी ने उनके नाम पर गम्भीरता से विचार तो किया, लेकिन विधायक होने के कारण संगठन उन्हें अपरिहार्य परिस्थितियों में लोकसभा चुनाव लड़ाने का इच्छुक है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मालवा के बड़े नेताओं से भी पार्टी हाईकमान प्रत्याशी के नाम पर राय-मशविरा ले रहा है। ताई का टिकट 75 साल के फार्मूले के कारण अटका हुआ है। इंदौर से मालिनी गौड़ के बाद पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत का नाम भी दिल्ली पहुंचा है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक इंदौर से आठ बार सांसद रह चुकीं सुमित्रा महाजन के टिकट को लेकर सस्पेंस बरकरार है। पहले पार्टी कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी और महाजन से बातचीत के आधार पर टिकट का फैसला करने की बात कर रही थी। अब ये तय हो गया कि कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर से चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके बाद भी भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो 75 पार और वंशवाद के फार्मूले पर पार्टी बेहद सख्त है। उनका मानना है कि किसी दबाव में पार्टी ने टिकट दे भी दिया तो कोई पद नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी नए प्रत्याशी की तलाश भी कर रही है। पार्टी फोरम पर कैलाश विजयवर्गीय के नाम पर भी चर्चा हुई थी, लेकिन ताई विजयवर्गीय के नाम पर राजी नहीं है।

दूसरी वजह विजयवर्गीय फिलहाल पश्चिम बंगाल का काम संभाल रहे हैं, जिस कारण पार्टी उन्हें डिस्टर्ब करने के मूड में नहीं है। इसके बाद महापौर मालिनी गौड़ और शंकर ललवानी के नाम बढ़ाए गए। इधर नए समीकरणों के बाद पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत का नाम संगठन और संघ नेताओं के जरिए बढ़ाया गया है।

शेखावत के पक्ष में कहा गया है कि उनकी छवि दबंग नेता की है। राऊ, सांवेर और देपालपुर सहित ग्रामीण इलाकों में बड़ी तादाद में जातिगत वोट बैंक होने का भी हवाला दिया गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी ताई को न लड़ाने का फैसला नहीं लिया गया है पर पार्टी सारे विकल्पों पर विचार कर रही है।

विजयवर्गीय की सहमति भी जरूरी

भाजपा सूत्रों का कहना है कि इंदौर में प्रत्याशी फाइनल करने से पहले पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की सहमति भी जरूरी है। इसलिए माना जा रहा है कि इंदौर में जिस नाम पर ताई और विजयवर्गीय दोनों ही सहमत होंगे, उस पर ही पार्टी दांव लगाएगी।

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