बुराड़ी मामले में ‘बीड़ी बाबा’ पर घूमी शक की सुई, एक किन्नर का भी नाम आया सामने

नई दिल्ली। बुराड़ी कांड मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद भले ही पुलिस हत्या वाले एंगल को गलत मां रही है, लेकिन हरिद्वार में अस्थिविसर्जन कर वापस लौटे ललित के बड़े भाई दिनेश इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं कि उनके परिवार ने आत्महत्या की। दिनेश का दावा है कि उनके परिवार को सोची-समझी साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया है। बता दें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात को साफ़ किया गया है कि सदस्यों की मौत फांसी के कारण हुई। वहीं अंधविश्वास से घिरे इस मामले में एक और बाबा का नाम शामिल हो गया है। उनका नाम बीड़ी बाबा बताया जा रहा है।

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बुराड़ी कांड

खबरों के मुताबिक़ सीनियर पुलिस अफसर के मुताबिक, उस घर के दूसरे कमरे से बरामद 77 साल की नारायण देवी के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आना बाकी है। अभी तक दस लोगों की रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी मौत फांसी लगने के कारण हुई है और शवों पर कुछ खरोंचों के अलावा चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं।

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वहीं कराला में बीड़ी वाले और दाढ़ी वाले बाबा के नाम से मशहूर बाबा अपने आप को हनुमान का भक्त कहते हैं। शाम 6 बजे तक झाड़-फूंक करते हैं।

पुलिस को मिली चिठ्ठी में जिस दूसरे तांत्रिक का जिक्र किया गया था, यह वहीं बाबा है। चिट्ठी में भेजने वाले ने पुलिस से अपील की है कि इन मौतों के पीछे बाबा का हाथ हो सकता है, इसलिए इसकी जांच की जाए।

इसी कड़ी में एक किन्नर भी सामने आया। किन्नर हर मंगलवार को मरघट बाबा के दरबार पर जाते थे। वहां से प्रसाद लेकर आते थे। इसी तरह परिवार के रजिस्टर में कहा गया, वे अगली दिवाली नहीं देख सकेंगे।

बुधवार को एम्स से एक फॉरेंसिक टीम बुराड़ी के इसी घर में जांच के लिए पहुंची थी। इस मामले को लेकर शक जताया जा रहा है कि इस परिवार ने तंत्र-मंत्र के चलते सामूहिक आत्महत्या की है, लेकिन हरिद्वार में अस्थिविसर्जन के बाद दिल्ली पहुंचे ललित के बड़े भाई दिनेश ने बुधवार को एक बार फिर कहा कि परिवार आत्महत्या नहीं कर सकता, इनका साजिश के तहत मर्डर किया गया है।

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